टेढ़ी दुनिया पर रवि रतलामी की तिर्यक, तकनीकी रेखाएँ...

जालिम जमाने ने मुहब्बत के मायने बदल दिए!

new style for making love

मेरे प्यार को, मेरे मुहब्बत के इजहार के इस तरीके को जरा समझने की कोशिश तो करो जानेमन!

व्यंज़ल

जालिम जमाने ने सबकुछ बदल दिए
हां मुहब्बत के मायने तक बदल दिए

हमारा प्रेम परवान चढ़ता किस तरह
उन्होंने तो जब चाहे रास्ते बदल दिए

वक्त का तो क्या बताएँ आपको साहब
वक्त ने तो अच्छे महिवाल बदल दिए

उनके जरा से अहसास के लिए हमने
अपने दिनरात सुबह शाम बदल दिए

अपने मुहब्बत की खातिर रवि हमने
क्या कहें खुद को कैसे तमाम बदल दिए
-----

(समाचार कतरन साभार – टाइम्स ऑफ इंडिया)

एक टिप्पणी भेजें

हाय हम अच्छे प्रेमी हो न सके....

लगता है प्रेमी होना इस जनम में नहीं लिखा है।

आपके चिठ्ठे की चर्चा ब्लॉग समयचक्र में
रामनवमी पर आप को हार्दिक शुभकामनायें

स्पैंकिंग की बजाय शायद सहलाना भी उतना ही कारगर हो। पर उससे इतनी बढ़िया अखबारी कॉलम थोड़े ही बनता।

आपकी अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.
कृपया ध्यान दें - स्पैम (वायरस, ट्रोजन व रद्दी साइटों इत्यादि की कड़ियों युक्त)टिप्पणियों की समस्या के कारण टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहां पर प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.

अन्य रचनाएँ

[random][simplepost]

व्यंग्य

[व्यंग्य][random][column1]

विविध

[विविध][random][column1]

हिन्दी

[हिन्दी][random][column1]
[blogger][facebook]

तकनीकी

[तकनीकी][random][column1]

आपकी रूचि की और रचनाएँ -

[random][column1]

MKRdezign

संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *

Blogger द्वारा संचालित.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget