संदेश

March, 2009 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

खच्चरिया ग्लैमर या ग्लैमरस खच्चर.

चित्र
आह, सच कहा है. सुंदरता तो, देखने वाले की आँखों में बसती है. और ग्लैमर? आज का ग्लैमर तो अधिकांश खच्चरिया ही होता है. ज्ञानदत्त जी को खच्चर में ग्लैमर भले ही दिखाई न दिए हों, मगर यहाँ देखिए – एक से एक ग्लैमरस खच्चर. खच्चर एक रूप अनेक. बस थोड़ा सा रंग रोगन की जरूरत है और ग्लैमर हाजिर.(कलाकार की खच्चरिया कूंची?)(चिक में से झांकती हसीना?)(ग्लैमरस प्रतिबिम्ब?)(बर्निंग सेंशेसन…)और.. अंत में -(पिन अप सुंदरी?)अब तो आप मानेंगे कि वास्तविक ग्लैमर कम्प्यूटर प्रोग्रामों के जरिए ही मिलता है? आप भी अपने दीगर चित्रों में निजी प्रयोग के लिए फ्री-फोकट में उपलब्ध प्रोग्राम फ़ोटोफ़िल्टर के फिल्टर औजारों के जरिए ऐसे ही ग्लैमरस प्रभाव डाल सकते हैं.

आप अपने मोबाइल फोन के डाटा का बैकअप लेते हैं या नहीं?

चित्र
अभी पिछले दिनों मेरे दो अजीज मित्रों के साथ अलग-अलग मगर एक ही किस्म का हादसा हो गया. उनके मोबाइल फोन के कान्टेक्ट नंबर व अन्य डाटा उनसे खो गए. एक का मोबाइल खो गया तो दूसरे के मोबाइल का डाटा उड़ गया. वर्षों से एकत्र किए हुए मित्रों परिचितों व रिश्तेदारों के सम्पर्क नंबर तथा अन्य महत्वपूर्ण डाटा जो उन मोबाइलों में दर्ज थे वे उड़ गए जिनकी वजह से उन्हें बहुत परेशानी उठानी पड़ी.ये हादसा आपके साथ भी कभी भी हो सकता है. आपका मोबाइल खो सकता है, चोरी जा सकता है, उसका डाटा वायरस इत्यादि के जरिए या किसी अन्य नामालूम सी वजह से उड़ सकता है. कभी बेध्यानी में या मिसहैंडलिंग के कारण मोबाइल में भौतिक टूटफूट हो सकती है और नतीजतन उसका डाटा खराब हो सकता है.(एलजी का मोबाइल सूट प्रोग्राम एलजी डेस्कटाप बहुत ही उम्दा किस्म का है, जिसके जरिए आप अपने एलजी मोबाइल के सम्पर्कों का बढ़िया प्रबंधन कर सकते हैं और अपने मोबाइल डाटा का बैकअप बना कर रख सकते हैं)ऐसे में होने वाली समस्याओं से बचने का एकमात्र उपाय है – नियमित समय पर मोबाइल डाटा का बैकअप लेते रहना व उस बैकअप को सुरक्षित रखते रहना. मोबाइल डाटा का बैकअप लेना ब…

विवाह और गणित में क्या समानता है?

आप कहेंगे कोई साम्य नहीं. गणित गणित है और विवाह विवाह. इसमें वन टू का फोर कहां से आ गया.  या फिर आप दार्शनिक अंदाज में  कह सकते हैं - विवाह गणित की वो पहेली है जिसे हल करने का दावा तो हर कोई करता है, पर दरअसल वो एक मिथ्या हल होता है 1+1=1 जैसा!
जो भी हो, चलिए, एक एक कर देखते हैं.
पहले, कुछ वैवाहिक अवधारणाएँ :
~~~~~~~~~~~~
यदि कुछ गलत हो सकता है तो उसे होना ही है. विवाह भी.
~ मरफ़ी का नियम
विवाह एक श्रमसाध्य कार्य है. यह वैसा ही है जैसा कि किसी कप को सदैव निहारते रहना. कभी तो अपने पार्टनर को अंतरिक्ष में सुदूर कहीं फेंक देने का दिल करता है तो कभी उसे गले लगाने को.
~ अनाम
एक अच्छी पत्नी हमेशा अपने पति को जब वह खुद गलत होती है, माफ कर देती है.
~ मिल्टन बर्ले
"धन हस्तांतरण (फंड ट्रांसफर) के लिए इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग से भी ज्यादा तीव्र, त्वरित एक सेवा और है. इसे शादी कहते हैं. "
~ जेम्स होल्ट मैकगावरन
मैंने हाल ही में पढ़ा कि प्यार पूरी तरह से रसायन शास्त्र का विषय है. वह होगा ही क्योंकि मेरी पत्नी मुझे जहरीले कचरे की तरह जो मुझे मानती है.
~ दाऊद बिसोनेटी
शादी के…

फेसबुक और ओरकुट से घृणा करते हैं? ब्रांड न्यू हिन्दी सोशल नेटवर्किंग साइट ‘मितवा’ में आपका स्वागत है.

चित्र
मितवा के सदस्य बनें और सार्थक सामाजिक जीवन शुरू करें...ये कैच लाइन है एक नए सामाजिक जाल स्थल मितवा का. मितवा का पहला बीटा संस्करण पूरी तरह हिन्दी में कुछ ही समय पूर्व बिना किसी हल्ला-गुल्ला के जारी किया गया है. पर, लगता है कुछ हड़बड़ी में चालू किया गया है क्योंकि इन पंक्तियों के लिखे जाने तक (17 मार्च 2009, 2.28 बजे, भारतीय समय) इसके मुख्य पृष्ठ पर उपलब्ध हिन्दी लिखने के औजार की कड़ी काम नहीं कर रही है. साथ ही जहाँ तहाँ वर्तनी की ग़लतियाँ हैं, जो मजा खराब कर रही हैं. एक व्यावसायिक प्रकल्प में ऐसी ग़लतियाँ अक्षम्य हैं.
फिर भी, आकल्पन बढ़िया, साफसुथरा और काम का प्रतीत होता है. हालाकि फेसबुक के जैसे अंतर्निर्मित अनुप्रयोगों और सुविधाओं का इंटीग्रेशन इसमें भविष्य में हो भी पाएगा या नहीं – जिसके बगैर बड़ी सफलता नामुमकिन सी लगती है - भविष्य ही बताएगा. वैसे तो मितवा को पूरा भारतीय और पूरा हिन्दीमय बनाया और बताया गया है. मगर इसके शुरूआती पृष्ठों के विजुअल और विज्ञापनों में मॉडलों के रूप-रंग विदेशी हैं. इस पर भी शुद्ध हिन्दीमय रूप धरा जाता तो जरा ज्यादा मजा आता.मितवा में हाल फिलहाल निम्न सुविधा…

एक ग़रीब की आत्मकथा...

चित्र
(आत्मकथा लिखना अब अमीरों की ही बपौती नहीं रह गई है. अब तो गरीब भी आत्मकथा लिख सकता है. लिखकर उसे प्रकाशित भी कर सकता है. वो तो धन्य है इस चुनाव का, कि उसे एक स्मार्टफोन और चहुँओर इंटरनेट का वादा मिल गया है. तो उसने आव न देखा न ताव, एक पार्टी के इलेक्शन मेनिफेस्टो के एक कोरे हिस्से में दन्न से एक आत्मकथा लिख मारा. स्मार्टफोन के आते ही उसे फट् से इंटरनेट पर चढ़ा देगा. पेश है आपके लिए उसका प्रीव्यू. अंतिम प्रकाशन तक इसमें थोड़ा मोड़ा कांटछांट और फेरबदल संभव है.)मुझे चुनाव का मौसम बहोत पसंद है. मैं चाहता हूं कि काश चुनाव का मौसम हर छठे-चौमासे आता रहे. तमाम नेताओं को तभीच मेरी याद आती है. इस बार तो मुझे नया, चमचमाता स्मार्टफोन मिलने वाला है. पिछली बार मैं तमिलनाडु में था तो मुझे रंगीन टीवी मिला था. घड़ियों, साड़ियों, सौ-सौ के नोटों की सौगात हम गरीब गुरबों को चुनावों के दौरान ही तो मिलता है तो फिर चुनाव हरदम हर समय होते ही रहना चाहिए कि नहीं. जैसे ही इधर एक चुनाव गुजरे, उधर दूसरा चालू हो जाना चाहिए. तभी हम गरीबों पर लोगों का ध्यान जाएगा. वरना हम क्या खा पी पहन रहे हैं, कैसे जीवनयापन कर रहे …

ब्लॉगिंग बेसिक्स और ब्लॉगिंग फंडा सीखना चाहते हैं? इंडिया ब्लॉग स्कूल में आपका स्वागत है.

चित्र
यह प्रकल्प देश-विदेश के जाने माने ब्लॉगर अमित अग्रवाल का है. अमित अग्रवाल आईआईटी ग्रेजुएट हैं, उनका ब्लॉग करोड़ों ब्लॉगों के बीच, तमाम विश्व के टॉप 200 ब्लॉग में शुमार है, और उन्होंने भारत में ब्लॉगिंग की दशा-दिशा तय करने में भी भूमिका निभाई है.इंडिया ब्लॉग स्कूल अपने तरह का पहला, अकेला, अ-लाभकारी संकल्पना है जिसमें ब्लॉगरों को ब्लॉगिंग बेसिक्स से लेकर ब्लॉगिंग तकनीक तक की समस्त जानकारियाँ हर संभव उपाय – ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों तरह से उपलब्ध करवाई जाती हैं. पिछले दिनों इंडिया ब्लॉग स्कूल के सौजन्य से आगरा में ब्लॉगिंग सेमीनार का आयोजन किया गया था. भविष्य में भी विभिन्न शहरों में ऐसे सेमीनार करने की योजनाएँ हैं. हाल-फिलहाल, इंडिया ब्लॉग स्कूल के साइट में उपलब्ध सामग्री से आप अपने ब्लॉगिंग बेसिक्स में धार और ब्लॉगिंग फंडे में निखार ला सकते हैं. कुछ काम की कड़ियाँ हैं- (ध्यान दें - सामग्री अंग्रेजी में है)गुरुओं से ब्लॉगिंग सलाह, ब्लॉगिंग गाइड और ब्लॉगिंग आचार संहिता, ब्लॉगिंग के लिए सामान्य टिप्स, कमाई के लिए ब्लॉगिंग इत्यादि पर धीर गंभीर आलेखों के लिए इस कड़ी पर जाएँ.ब्लॉग परिचय, ब्लॉग क…

आइए, बनाएँ अपने कम्प्यूटर डिस्प्ले को हिन्दी मित्र

चित्र
आपके कम्प्यूटर पर हिन्दी कैसे दिखाई देती है? बेकार-बदसूरत-अपठनीय सा? उसपर थोड़ा रंग-रोगन आप कर सकते हैं ताकि वो जरा सुंदर दिखाई दे. आइए, देखते हैं कैसे.पिछली पोस्ट पर अनिल की टिप्पणी थी – “हिंदी पढ़ने के लिये सबसे बढ़िया browser मुझे अव तक "सफारी" लगा। सफारी में फौंट बहुत ही सुंदर दिखते हैं और पढ़ने में बहुत आसानी होती है। लिनक्स औपरेटिंग सिस्टम में भी हिंदी (और अन्य भारतीय भाषाओं) को पढ़ने-लिखने का बहुत ताकतवर जुगाड़ है।“वैसे, इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि लिनक्स तंत्र में हिंदी पढ़ने-लिखने और प्रदर्शित करने का बहुत ताकतवर जुगाड़ है – क्योंकि उसमें प्रायः हर चीज को आप अपने मनमाफिक संपादित कर सकते हैं – कुंजीपट को भी.(हिन्दी अनुप्रयोग संस्थापित करने पर विंडोज एक्सपी पर डिफाल्ट हिन्दी प्रदर्शन )विंडोज एक्सपी का डिफॉल्ट प्रदर्शन हिन्दी मित्र नहीं है. इसमें यदि आप हिन्दी के अनुप्रयोग संस्थापित करते हैं तो हिन्दी अनुप्रयोगों के मेन्यू इत्यादि एरियल एमएस यूनिकोड में आमतौर पर प्रदर्शित होते हैं जो कि बहुत ही भोंडा फोंट है हिन्दी के लिहाज से. छोटे रूप में उसे पढ़ने में भी दि…

हिन्दी मित्र : विंडोज 7

चित्र
इंटरनेट एक्सप्लोरर का नया, संस्करण 8 बीटा  (आरसी1) यूं तो बढ़िया, तेज चलता है परंतु जब विंडोज एक्सपी पर संस्थापित किया जाता है तो यह हिन्दी पाठों की ऐसी-तैसी कर देता है. ब्लॉगवाणी का यह स्क्रीनशॉट देखें जिसे संजीत त्रिपाठी ने इस समस्या के बारे में बताते हुए मुझे भेजा –संयोग से उस वक्त मैं भी इंटरनेट एक्सप्लोरर, संस्करण 8 बीटा की जांच परख कर रहा था, और मुझे यह समस्या दिखाई नहीं दी. जैसा कि नीचे के स्क्रीनशॉट में दिया गया है –मैंने उन्हें बताया कि मेरे कम्प्यूटर पर तो सब सही दिख रहा है, कृपया अपने कम्प्यूटर की एनकोडिंग इत्यादि सेटिंग को जांचें. परंतु बाद में ध्यान आया कि मैं उस वक्त विंडोज 7 पर था, और संभवत: संजीत त्रिपाठी को समस्या विंडोज एक्सपी पर रही होगी. मैंने इंटरनेट एक्सप्लोरर 8 को विंडोज एक्सपी पर संस्थापित किया और चलाकर देखा तो पाया कि समस्या यथावत् है. विंडोज एक्स पी पर इंटरनेट एक्सप्लोरर 8 कुछ हिन्दी की साइटों पर यह हिन्दी को कचरा कर देता है (प्रमुखत: ब्लॉगवाणी) तो कुछ हिन्दी साइटों को सही दिखाता है.क्या कहें? विंडोज 7हिन्दी मित्र है? हाँ, शायद.

तमिल है, तेलुगु है, मलयालम है, कन्नड़ भी है, पर हिन्दी नहीं!

चित्र
मामला मुझे तो लालू की रेल जैसा ही दिक्खे है. पटना से रेल चली तो पटना में ही पहुँची – वैसे ही डी राजा की गाड़ी दक्षिण में ही घूमी?प्रसार भारती की डिश टीवी सेवा – डीडी डायरेक्ट प्लस में पिछले कुछ दिनों बिना हो-हल्ला कुछ अपग्रेडेशन हुआ लगता है और उसमें रेडियो चैनलों में तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ – याने तमाम दक्षिण भारतीय भाषाओं में प्रत्येक में 3 - 3 शानदार रेडियो सेवाओं की शुरूआत हुई. जी हाँ, 3 - 3 शानदार रेडियो – क्लासिक, 90’s और लेटेस्ट. इन रेडियो चैनलों में सीडी क्वालिटी का नान-स्टाप 7x24 संगीत बजता है, वो भी धुंआधार और वह भी एफएमिया शैली के घनघोर फोकट फालतू बकवास के बगैर.और हिन्दी? हिन्दी तो ग़ायब है. मेरे जैसे हिन्दी भाषी के लिए जो संगीत ओढ़ता बिछाता खाता पीता और सोता है, यह बहुत ही निराशाजनक है. उम्मीद करें कि डीडी डायरेक्ट के अगले अपग्रेड में गाड़ी उत्तरी राज्यों तक भी पहुंचेगीभी?

छत्तीसगढ़ी शाइनिंग...

चित्र
विश्व की 108 भाषाओं के साथ-साथ छत्तीसगढ़ी भाषा चमकती हुई यहाँ नजर आ रही है. केडीई 4.2 लोकेलाइजेशन टीम की सूची में यह अन्य भारतीय भाषाओं – असमी, बंगाली, गुजराती, हिन्दी, कन्नड़, मैथिली, मलयालम, मराठी, उड़िया, पंजाबी, तमिल, और तेलुगु के साथ चमक रही है. टॉप टेन सूची में भी यह अन्य सभी भारतीय भाषाओं से ऊपर 29 वें पायदान पर (11 मार्च 2009 की स्थिति में) खड़ी है.इसी स्थल से इसकी अनुवाद फ़ाइलें डाउनलोड कर इनका प्रयोग केडीई 4.2 की भाषा छत्तीसगढी में बदलने हेतु किया जा सकता है. विंडोज/लिनक्स वातावरण में छत्तीसगढ़ी में दर्जनों प्रोग्रामों व अनुप्रयोगों को मुफ़्त व मुक्त डाउनलोड कर चलाया जा सकता है.इस परियोजना को मूर्त रूप देने में मेरा उत्साहवर्धन करते रहने हेतु इस चिट्ठे के आप सभी पाठक गणों का योगदान रहा है. आप सभी को धन्यवाद और आभार. निम्न महानुभावों के सक्रिय सहयोग के बगैर यह नामुमकिन था. इन्हें भी धन्यवाद और आभार.जी. करूणाकररविकान्तराजेश रंजनगोरा मोहंतीसंजीव तिवारीजयप्रकाश मानसराजेश चौधरीसंजीत त्रिपाठी---

हिन्दी के लिए सर्वश्रेष्ठ ब्राउज़र : ऑपेरा 9.64 हिन्दी

चित्र
बाजार में यूं तो नए नवेले गूगल क्रोम और सफारी को मिलाकर दर्जनों ब्राउजर हैं, मगर हिन्दी के लिए काम के कुछेक ही हैं. इनमें भी आमतौर पर फ़ायरफ़ॉक्स और इंटरनेट एक्सप्लोरर का प्रयोग अधिकतर होता है. इन ब्राउजरों में हिन्दी दिखाने में समस्या अब भी बनी हुई है. समस्या तब आती है जब आप वर्ग-पहेली जैसा इनपुट विंडो युक्त साइटें खोलते हैं और उनमें हिन्दी सामग्री भरने की कोशिश करते हैं. इनमें तब या तो नीचे लगने वाली उ, ऊ, ऋ की मात्राएँ नहीं दिखतीं या फिर छोटी इ की मात्राएं.ऑपेरा के नए, ताज़ा संस्करण में यह समस्या दूर कर ली गई है, और हिन्दी के लिए इनपुट विंडो बहुत ही बढ़िया काम करता है.ऑपेरा के साथ समस्या ये है कि यह सिर्फ विंडोज में बढ़िया हिन्दी दिखा सकता है. लिनक्स में इसमें हिन्दी प्रदर्शन में अभी भी समस्याएं हैं. लिनक्स में हिन्दी प्रयोग के लिए सबसे बढ़िया ब्राउज़र है – कॉन्करर. कॉन्करर अब विंडोज के लिए भी उपलब्ध है. नीचे दिया स्क्रीनशॉट विंडोज एक्सपी पर चलता हुआ खींचा गया है.ऑपेरा का नया संस्करण हिन्दी में भी उपलब्ध है. तो, देर किस बात की? अभी उतारें और ऑनलाइन वर्ग-पहेली खेलें बिना किसी परेशान…

चंद एडसेंसिया चुटकुले

चित्र
वैसे तो, एडसेंस 23 अगस्त सन् 2006 से हिन्दी में विज्ञापनों को दिखा रहा है, परंतु अढ़ाई साल बीत जाने के बाद अब भी हिन्दी उसकी चिन्दी करती हुई दिखाई देती है. सालेक भर पहले एडसेंस हिन्दी पृष्ठों में दिखना बंद हो गया तो कुछ जुगाड़ कर इसे वापस पाया गया तो एडसेंस इस चिट्ठे पर फिर से दिखने तो लगा है, मगर कुछ चुटकुले नुमा. हाथ कंगन को आरसी क्या –(1)आडवाणी फार पीएम?इसे तो पक्के कांग्रेसी पक्का चुटकुला मानते होंगे. ये बात दीगर  है कि चुनावों के बाद चुटकुला किस करवट बैठता है, और इस चुटकुले पर कौन हंसता है और कौन रोता है!(2)हिन्दी कविता और पंजाब समाचार एक? हा हा हा – बहुत बढ़िया चुटकुला है. कविगण माफ करें, आजकल वैसे भी कविताओं और व्यंजलों में कविता क्या है और समाचार क्या है ये फर्क करना मुश्किल है. तो ये बेचारा एडसेंस कैसे फर्क करेगा!(3 )यात्रा का आयोजन वेब साइट पर – प्लानिंग तो सुना था, पर आयोजन! और, कार शायद छोटी - नैनो के आने से कार् हो गई है, और सब जानकारियाँ आज ही पा लें, कल को तो बहुत देर हो सकती है!!!(4)आपके एक कुछ क्या ?जोक है भाई. चुटकुला है. समझिए. और, हँसिए.और, इसीलिए अभी भी हिन्दी चिट…

एक नया, ताजातरीन, 100% शुद्ध ‘प्रखर देवनागरी फ़ॉन्ट परिवर्तक’

चित्र
(चित्र को स्पष्ट, बड़े आकार में देखने के लिए उस पर क्लिक करें)एक नया फ़ॉन्ट परिवर्तक ‘प्रखर देवनागरी फ़ॉन्ट परिवर्तक’ हाल ही में रिलीज किया गया है जो दर्जन भर से ज्यादा पुराने आस्की हिन्दी फ़ॉन्टों – यथा कृतिदेव, डेवलिस, शुषा, युवराज, चाणक्य, डीवीटीटी योगेश इत्यादि को पूरी परिशुद्धता के साथ यूनिकोड हिन्दी फ़ॉन्ट में बदलता है.वैसे तो तकनीकी हिन्दी समूह के फाइल खण्ड में अनुनाद सिंह और नारायण प्रसाद द्वारा बनाए गए दर्जनों किस्म के पुराने नए हिन्दी फ़ॉन्टों के यूनिकोड और यूनिकोड से वापस इन्हीं फ़ॉन्टों में परिवर्तक उपलब्ध हैं, और यही नहीं, ये हमेशा उपयोक्ताओं की मांग पर विविध हिन्दी फ़ॉन्टों के परिवर्तक मुक्त व मुफ़्त ओपन सोर्क की तर्ज पर तत्परता से उपलब्ध करवाते रहते हैं. मैं स्वयं इन परिवर्तकों का प्रयोग रचनाकार की सामग्री को परिवर्तित करने के लिए नित्य करता हूं, और इनमें से बहुत से परिवर्तक तो प्रायः शत-प्रतिशत तक शुद्धता से परिणाम देते हैं.मगर ये परिवर्तक ब्राउजर आधारित होने से इनमें कुछ समस्याएँ यदा-कदा आती रहती हैं – जिनमें मुख्य है बहुत बड़ी फाइल को एक साथ फ़ॉन्ट परिवर्तन करने में …

विशाल लाइब्रेरी में से पढ़ें >

अधिक दिखाएं

---------------

छींटे और बौछारें का आनंद अपने स्मार्टफ़ोन पर बेहतर तरीके से लें. गूगल प्ले स्टोर से छींटे और बौछारें एंड्रायड ऐप्प image इंस्टाल करें.

इंटरनेट पर हिंदी साहित्य का खजाना:

इंटरनेट की पहली यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित व लोकप्रिय ईपत्रिका में पढ़ें 10,000 से भी अधिक साहित्यिक रचनाएँ

हिन्दी कम्प्यूटिंग के लिए काम की ढेरों कड़ियाँ - यहाँ क्लिक करें!

.  Subscribe in a reader

इस ब्लॉग की नई पोस्टें अपने ईमेल में प्राप्त करने हेतु अपना ईमेल पता नीचे भरें:

FeedBurner द्वारा प्रेषित

ऑनलाइन हिन्दी वर्ग पहेली खेलें

***

Google+ Followers

फ़ेसबुक में पसंद करें