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Thursday, January 08, 2009

नए नवेले ऑनलाइन हिन्दी ऑपरेटिंग सिस्टम और ऑनलाइन हिन्दी-अंग्रेज़ी अनुवाद औजार

हिन्दी के लिए सौगातों की झड़ी जारी है. ऑनलाइन ऑपरेटिंग सिस्टम जीहोस्ट में अंतर्निर्मित हिन्दी सुविधा उपलब्ध है. वेब 2 के जमाने में आने वाला भविष्य ऑनलाइन ही होगा ये तो तयशुदा बात है. आप भी एक मेहमान खाता खोलकर हिन्दी ऑपरेटिंग सिस्टम कैसा होता है इसका अनुभव ले सकते हैं. बहुत से मेन्यू और कुछ अनुप्रयोग हिन्दी में हैं. कंट्रोल पैनल का कुछ हिस्सा हिन्दी में है. कुछ स्क्रीनशॉट आपके लिए हैं – (चित्रों को बड़े आकार में देखने के लिए उन पर क्लिक करें)

ghost os app selection

जी होस्ट अनुप्रयोग चयन

 

ghost os control panel

जी होस्ट कंट्रोल पैनल

 

ghost os zoho

जी होस्ट जोहो – हिन्दी यूनिकोड सक्षम वर्ड प्रोसेसर

 

ghost os desktop

जी होस्ट ऑनलाइन ऑपरेटिंग सिस्टम डेस्कटॉप – फायरफ़ॉक्स ब्राउजर पर.

 

इसी तरह, गूगल अंग्रेज़ी-हिन्दी-अंग्रेज़ी अनुवाद की तरह ही एक और हिन्दी-अंग्रेज़ी-हिन्दी स्वचालित अनुवाद सेवा लैंग्वेज वीवर द्वारा उपलब्ध किया गया है जिसे आप बेबीलोन के जरिए 7 दिन के ट्रायल पर जांच परख सकते हैं. अनुवाद सीधे सरल वाक्यों का तो ठीक-ठाक और गूगल से बेहतर होता है, मगर जहाँ बात कठिन और जटिल वाक्यों की आती है,

तो मामला अटक जाता है. मगर फिर भी, शुरूआत तो हो ही गई है, और भविष्य में ये सेवाएँ निश्चित रूप से और भी परिष्कृत होंगी.

babylon english hindi translation

बेबीलोन हिन्दी अंग्रेज़ी ऑनलाइन स्वचालित अनुवाद सेवा

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9 टिप्पणियाँ./ अपनी प्रतिक्रिया लिखें:

Gyan Dutt Pandey said...

यह और बता दिया होता कि सब फ्री-फण्ड में है या कहीं पैसे का कैच भी है।

PN Subramanian said...

बहुत ही प्रसन्न कर देने वाली बात बताई है. नेट की स्पीड थोड़ी ठीक हो जाए तो इसकी अनुभूति प्राप्त करेंगे. आभार.

हिमांशु said...

प्रसन्नता प्रदान करने वाली जानकारी.
हिन्दी-प्रेमियों के अच्छी खबर है यह. धन्यवाद.

अनुनाद सिंह said...

बहुत खुशी की बात है। अब ऐसा प्रतीत हो रहा है कि इन्टरनेट पर आने वाली किसी भी सुविधा/साफ़्टवेयर पर हिन्दी लगभग अनिवार्य रूप से आ रही है। अब हिन्दी को नजर अन्दाज करना कठिन है। यह सब हिन्दी के जुझारू सेवकों एवं प्रेमियों के सतत परिश्रम की का परिणाम है।

पहले दौर में कम्प्यूटर के कारण गैर-अंग्रेजी भाषाओं को नुकसान उठाना पड़ा; अब कम्प्यूटर ही उन्हें तरह-तरह से मदद कर रहा है।

अभिषेक ओझा said...

जी होस्ट का उपयोग हम उन जगहों पर ऑरकुट खोलने के लिए किया करते थे... जहाँ वो प्रतिबंधित था... पर उसी कारन से वहां ये भी प्रतिबंधित हो गया :-)