टेढ़ी दुनिया पर रवि रतलामी की तिर्यक, तकनीकी रेखाएँ...

मशीन अनुवाद का अस्वीकरण : विंडोज़ 7 की मशीनी हिन्दी?

विंडोज 7 बीटा को विश्व की चंद चुनिंदा भाषाओं के साथ हिन्दी में भी जारी किए जाने की खबर से उत्साहित जनता को यह जानकर बेहद धक्का लगेगा. विंडोज 7 बीटा के हिन्दी के आरंभिक मेन्यू से आगे जाकर जब आप हिन्दी में मदद मांगते हैं तो सबसे पहले आपके पास ये चेतावनी आती है -

मशीन अनुवाद का अस्वीकरण:
महत्वपूर्ण: इस दस्तावेज़ के कुछ भागों का अनुवाद Microsoft मशीन-अनुवाद सॉफ़्टवेयर द्वारा किया गया है. Microsoft आपको मानव के द्वारा और मशीन के द्वारा अनुवाद की गई सामग्री प्रदान करता है जिससे आप अपनी भाषा में बीटा मदद पर पहुँच सकेंगे. हालाँकि, मशीन द्वारा अनुवाद किया गया वाक्य हमेशा पूरा सही नहीं होता. इसमें शब्दों, वाक्य रचना या व्याकरण की ग़लतियाँ हो सकती हैं, वैसे ही जैसे कोई विदेशी आपकी भाषा बोलने में ग़लतियाँ करता है. MT सामग्री के किसी ग़लत अनुवाद या इसके उपयोग द्वारा हमारे ग्राहकों को हुई किसी भी प्रकार की ग़लतियों, त्रुटियों, या क्षति के लिए Microsoft उत्तरदायी नहीं .

ठीक है, परंतु मशीनी अनुवाद के फलस्वरूप गलत-सलत समझ लेने या नहीं समझ में आने के लिए भला कौन उत्तरदायी होगा? और, चलायबल त्रुटियोँ तक तो ठीक है, जहाँ राम-सीता को भाई-बहन बताया जाए, तो ऐसे अनुवाद को रखने से क्या फ़ायदा? हाथ कंगन को आरसी क्या:

(चित्र को पूरे आकार में देखने के लिए उस पर क्लिक करें) 

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हम मशीन से कितनी उम्मीद कर सकते हैं -पर जो भी अनुवाद हो रहा है मैं तो उसी से चमत्कृत हूँ -आज के कई एम् ये बी ये और पी च डी तो उतना भी नहीं कर सकते ! सावधान मशीने जाहिलों को विस्थापित करने आ पहुँची हैं !

'मनुष्‍य ने मशीन बनाई और उसका दास हो गया' यही मानता रहा था मैं। लेकिन आपने बताया कि ऐसा नहीं है। मनुष्‍य ही सर्वोपरि है। मनुष्‍य में बुध्दि और विवेक है, मशीन में नहीं।

अरविन्द जी से सहमत हूं.
आलेख के लिये धन्यवाद.

ऐसी ही हिन्दी चाहिए थी तो वैसे ही मशीनी अनुवाद कर पढ़ लेते.... धन्य है. सारा उत्साह मिट्टी में मिल गया.

माइक्रोसॉफ्ट ने अपने नाविन्तल MSDN संस्करण में मशीन ट्रांसलेशन पर एक विस्तृत लेख दिया है (http://msdn.microsoft.com/en-us/magazine/2009.01.endbracket.aspx).


मेरी जानकारी के अनुसार, मशीन ट्रांसलेशन प्रोग्राम पर माइक्रोसॉफ्ट के हैद्राबाद केन्द्र में काफी शोध कार्य करा जा रहा है. यह सयोंग है की रवि जी ने मशीन ट्रांसलेशन के बारे में टिपण्णी करी और एससी माह के MSDN संस्करण में मशीन ट्रांसलेशन पर करे जा रहे कार्य पर लेख प्रकाशित हुआ...! कितनी प्रगति हुई है, नतीजा रवि जी ने बता ही दिया है..!

प्रयास में कोई हर्ज नहीं है, परंतु स्‍क्रीनशॉट को देखने पर लगता है कि भैया अभी हिंदी को बख्‍श दो। अंग्रेजी से काम चला लेंगे।


- आनंद

आदरणीय रवि जी,

अभी भी कई तकनीकी समस्यायें हैं जो हिन्दी कॊ विश्व-स्वीकृति दिलाने में बाधक हैं। खैर अब प्रयास प्रारम्भ हो ही गये हैं तो शीघ्र ही अच्छे परिणाम भी सामने आयेंगे।

मेरे उत्सा्हवर्धन के लिये अतिशय धन्यवाद

जानकारी के लिए धन्यबाद

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