टेढ़ी दुनिया पर रवि रतलामी की तिर्यक, तकनीकी रेखाएँ...

मंदी की मार से त्रस्त हैं? आइए, कुछ ग़म ग़लत करें...

चहुँओर मंदी की मार से त्रस्त जनता अपना ग़म ग़लत करने के लिए आर्थिक मंदी और दीवाला से संबंधित ईमेल फारवर्डकरने में लगी हुई है. वैसे तो मेरे पास भी #५००००० ईमेलों की सूची है, जिनमें से अधिकतर लोग-बागों द्वारा मुझे भेजे गए ईमेल फारवर्ड के जरिए संकलित हुए हैं, परंतु फिर भी मैं इस सूची में  निम्न कचरा भेजने के बजाए अपने ब्लॉग में डालना उचित समझता हूँ. चाहें तो एक मुस्कान मारने के लिए पढ़ लें, नहीं तो दन्न से कट लें...

* मुंबई स्टाक मार्केट के सामने खड़ी मारूति ८०० पर बंपर स्टीकर चिपका मिला - बिकाऊ. मेरी दूसरी गाड़ी ब्रांड न्यू मर्सिडीज बैज एस क्लास भी बिकाऊ है. एकदम सस्ते दामों में. आज के आज. तत्काल संपर्क करें. (गाड़ी अभी भी खड़ी है.)

* बैंक से मेरा चेक वापस आ गया. टीप लिखा था - फंड अपर्याप्त है, जिसके कारण चेक लौटाया जा रहा है. फंड अपर्याप्त? उनका या मेरा?

* ७०० बिलियन से नीचे ३० बिलियन प्राइम नंबर हैं, बाकी के सभी सब-प्राइम हैं.

* मैंने चेक इनकेश करवाने बैंक भेजा ही था कि बैंक ही बाउंस हो गया.

* कल ही मैंने अपने भाई को १० डालर उधार दिए और आज पता चला कि मैं विश्व का तीसरा सबसे बड़ा उधारी देने वाला व्यक्ति बन गया हूं.

* घोर सकारात्मकता की पराकाष्ठा - इनवेस्टमेंट बैंकर रविवार को अपने पांच ड्रेस इस्तरी करने को देता है.

* वड़ा पाव और इनवेस्टमेंट बैंकर में अंतर - वड़ा पाव से तो फिर भी एक आदमी का एक वक्त का भोजन का जुगाड़ हो गया समझो.

* तालाब में डूबे हुए पांच इनवेस्टमेंट फंड मैनेजरों को आप क्या कहेंगे? एक बढ़िया, शानदार शुरूआत.

* एक कबूतर तथा एक इनवेस्टमेंट बैंकर में अंतर - कबूतर तो फिर भी अपने बीट से किसी ब्रांड न्यू मर्सिडीज बैंज पर नए रंग की नई डिजाइन बना सकता है.

* सभी एमबीए वापस कॉलेज की ओर क्यों दौड़ लगा रहे हैं? अपनी फीस वापस मांगने.

* यह विपदा तो तलाक से भी ज्यादा बड़ी है. मेरा धन एक चौथाई हो गया और मेरी बीवी अभी भी मेरे पास है.

(सामग्री द इंडियन एक्सप्रेस से साभार अनुवादित)

एक टिप्पणी भेजें

ठीक है जी - मन्दी पर मन्द-मन्द मुस्कुराया जाये!

आशावादीता की हद है, आप सोचतें है खाली जेब लिये हम यह सब पढ़ कर मुस्कुरा पाएंगे?

अच्छी कोशिश. धन्यवाद. :(


:)

बढ़िया हैं, खासकर आखिरी वाली :(

वाकई में भयावह है यह , मगर सम्भव है ! सबसे अन्तिम अधिक खतरनाक है !

उफ़ ! इनवेस्टमेंट बैंकर को इतनी बुरी तरह मत दिखाइए... काहे भरे समाज में बदनाम कर रहे हैं :-)

रवि जी समय समय की बात है...अमीरी पर भी हँसा जा सकता है..
इसीलिए कहते हैं वक्त बड़ा बलवान है
और हंसाने वाला सबसे बड़ा पहलवान है.....हा हा हा..!

सरल -सुबोध -लययुक्त -बोधगम्य -जमीनी हकीकत

तलाक वाली टिप्पणी बहुत ही मजेदार है।

आपको एवं आपके परिवार को दीपावली की हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनायें!

चुटकुले अच्छे हैं।
हम तो शेयर बाज़ार से दूर रहते हैं, हम तो हँस सकते हैं।
लेकिन उनका क्या, जो लाखों खो चुके हैं?
यदि ऐसे लोग इन चुटकुलों पर हँस सकते हैं तो उनको मेरा सलाम।
असली sense of humour उनका है, हमारा नहीं।

****** परिजनों व सभी इष्ट-मित्रों समेत आपको प्रकाश पर्व दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं। मां लक्ष्‍मी से प्रार्थना होनी चाहिए कि हिन्‍दी पर भी कुछ कृपा करें.. इसकी गुलामी दूर हो.. यह स्‍वाधीन बने, सश‍क्‍त बने.. तब शायद हिन्‍दी चिट्ठे भी आय का माध्‍यम बन सकें.. :) ******

आप ला सुरहुत्‍ती, देवारी अउ मोरधन (गोरधन)पूजा के कोरी कोरी बधई ।

इस दिवाली धन तेरस से बाज़ार की व ऐसे मजाक से लोगों की मंदी कुछ तो कम जरुर जुए है..

आपकी अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.
कृपया ध्यान दें - स्पैम (वायरस, ट्रोजन व रद्दी साइटों इत्यादि की कड़ियों युक्त)टिप्पणियों की समस्या के कारण टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहां पर प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.

अन्य रचनाएँ

[random][simplepost]

व्यंग्य

[व्यंग्य][random][column1]

विविध

[विविध][random][column1]

हिन्दी

[हिन्दी][random][column1]
[blogger][facebook]

तकनीकी

[तकनीकी][random][column1]

आपकी रूचि की और रचनाएँ -

[random][column1]

MKRdezign

संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *

Blogger द्वारा संचालित.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget