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Sunday, March 02, 2008

एक म्यान में 145 तलवारें!


ठीक है, तलवारें नहीं, और म्यान भी नहीं.

आपके पर्सनल कम्प्यूटर में कितने ऑपरेटिंग सिस्टम हैं? आपको अपने पीसी में कितने ऑपरेटिंग सिस्टम की आवश्यकता है? उदाहरण के लिए, मेरे पीसी में कोई 4-5 ऑपरेटिंग सिस्टम हैं (एकाध घटत बढ़त होते रहती है,), और लॅपटॉप पर 3 – इसके साथ आया विंडोज़ विस्ता जो प्रारंभ से ही हाइबरनेशन पर है, क्योंकि वो इनकेइनके तरह मेरे भी बहुत से काम नहीं आता, 2 - विंडोज़ एक्सपी तथा 3- सबायो लिनक्स.

वैसे, आमतौर पर पर्सनल कम्प्यूटर या लॅपटॉप पर एक से अधिक ऑपरेटिंग सिस्टम की आवश्यकता आपको नहीं ही होती है, यदि आप कुछ सॉफ़्टवेयर जांच-परख इत्यादि में शामिल नहीं होते हैं.

परंतु साइकी नामक इन सज्जन ने अपने कम्प्यूटर पर 145 (जी हाँ, पूरे एक सौ पैंतालीस!) ऑपरेटिंग सिस्टम लगाया हुआ है. और ये वर्चुअल मशीन पर नहीं हैं. एक ही मशीन के फिजिकल हार्डडिस्क पर है, और इनमें से किसी में भी बूट किया जा सकता है. इनमें से अधिकांश, जाहिर हैं, लिनक्स के वितरण हैं. संक्षिप्त विवरण कुछ यूं है-

3 तरह के डॉस – डॉस 6.22, डॉस 7.1 तथा फ्री-डॉस

5 तरह के विंडोज – विंडोज़ 3.1, विंडोज़ 98, विंडोज 2000, विंडोज एक्सपी होम तथा विंडोज़ विस्ता

बाकी के सारे लिनक्स संस्करण – नए-पुराने सभी.

मजे की बात ये कि उनका कम्प्यूटर कोई विशिष्ट नहीं है. एएमडी 3200+ प्रोसेसर व 1 जीबी रैम सहित. बस उसमें 2x300 जीबी तथा 2x250 जीबी के चार हार्ड डिस्क लगे हैं, और इनमें कुल मिलाकर कोई 152 पार्टीशन हैं (जाहिर है, हर ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए एक तथा कुछेक अन्य विशिष्ट प्रयोजन हेतु)

और, ये सारे ऑपरेटिंग सिस्टम एक ही कम्प्यूटर में आराम से साथ हैं! वो भी बिना किसी खास मुश्किल के!

अपने कम्प्यूटर में एक से ज्यादा, बहुत ज्यादा - 145 ऑपरेटिंग सिस्टम कैसे लगाएँ?

पूरी जानकारी यहाँ और यहाँ पढ़ें, और आप भी अपने कम्प्यूटर में कोई दर्जन दो दर्जन ऑपरेटिंग सिस्टम भरने की सोचें.

क्या कहा? जरूरत नहीं? ठीक है, पर अगला जब 145 भर सकता है, तो क्या हम दर्जन भर नहीं भर सकते?

6 टिप्पणियाँ.:

मनीष भदौरिया said...

संसार झक्कियों से भरा पडा है रवि भाई. किस किस से प्रेरणा लें?

- मनीष भदौरिया

उन्मुक्त said...

मैंने उक बार दो डाले थे - १४५ बार रे बाप

Sanjeet Tripathi said...

आमतौर पर दो ही रखते है सब ज्यादा से ज्यादा पर 145?
धन्य है ये सज्जन!!!

Jitendra Chaudhary said...

हम तो दो मे तर गए, ये तो 145? सही है...

इनका नाम साइकी पहले से था, या लोगो ने इनके कार्यों को देखकर रख दिया।

amit gupta said...

मैंने एक कंप्यूटर में अधिकतम 5 डाले हैं जब मैं कॉलेज में था तो वहाँ लैब में एक कंप्यूटर पर दो विन्डोज़ और तीन लिनक्स डाले थे प्रयोग करने के लिए! :)

संजय बेंगाणी said...

अमित को भारतीय साइकी का अवोर्ड दिया जाय :)