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Friday, January 04, 2008

संकट में सबसे बड़ा साथी कौन होता है?

वाह! मनी.

जी हां, पैसा. और इस बात को फिर से, गंभीरता से बताया जा रहा है वेब-दुनिया में. इस दफ़ा वेब दुनिया में ब्लॉग चर्चा में अवतरित हुआ है कमल शर्मा का ब्लॉग वाह मनी.

ब्लॉग चर्चा में कमल शर्मा का विस्तृत साक्षात्कार भी प्रकाशित हुआ है – जिसमें वे बता रहे हैं कि किस तरह अपने ब्लॉग -  वाह मनी के माध्यम से सौ लोगों को करोड़ पति बनाने का लक्ष्य उन्होंने रखा है. और, पंद्रह तो रास्ते पर पहले से ही हैं. तो यदि आप भी अभी करोड़ पति नहीं हैं, और बनने की इच्छा रखते हैं तो सबसे पहला काम आपको क्या करना है?

क्या इसे भी बताने की आवश्यकता है?

6 टिप्पणियाँ./ अपनी प्रतिक्रिया लिखें:

आशीष महर्षि said...

शर्मा की इस लिस्‍ट में मेरा नंबर भी है, बस अब तो वक्‍त का इंतजार है रवि जी

कमल शर्मा said...

रवि जी आपने अपने चिट्ठे पर मुझे जो जगह दी, उसके लिए आभारी हूं। मुझे हमेशा यह लगता है कि दुनिया में यदि कोई सरल कार्य है तो वह है पैसा कमाना। मजा भी आता है जब लगता है कि एक का डबल हो गया। लेकिन आप जेसा लेखन पैसे से नहीं पाया जा सकता। फिर से आपका आभार।

संजय बेंगाणी said...

कमलजी, सौ लोगों में एक मेरा भी नाम जोड़ दें. :)

अविनाश वाचस्पति said...

रवि रतलामी जी का हिन्दी ब्लॉग
बेवदुनिया की मनीषा पाण्डेय जी
आपने वाह मनी को सुर्खी बना
कविता मेरी सेंसेक्स जैसी उठाई

अविनाश वाचस्पति said...

रवि रतलामी जी का हिन्दी ब्लॉग
बेवदुनिया की मनीषा पाण्डेय जी
आपने वाह मनी को सुर्खी बना
कविता मेरी सेंसेक्स जैसी उठाई

yunus said...

हम भी हम भी हम भी । लिस्‍ट में शामिल हैं हम भी