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आसपास की कहानियाँ ||  छींटें और बौछारें ||  तकनीकी ||  विविध ||  व्यंग्य ||  हिन्दी || 2000+ तकनीकी और हास्य-व्यंग्य रचनाएँ -

बने रहिए सदैव मूर्ख और भुक्खड़

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वैसे तो ये बात स्टीव जॉब्स ने कही है. स्टे हंगरी स्टे फ़ूलिश. परंतु अगर यही बात आईआईएम अहमदाबाद से निकले 25 चुनिंदा छात्रों की जीवनी से भी सिद्ध होती हो, तो आप क्या करेंगे?यकीनन आप भी बने रहेंगे सदैव – मूर्ख और भुक्खड़.सदा के लिए मूर्ख और भुक्खड़ बने रहने की प्रेरणा पाने के लिए आपको पढ़नी होगी युवाओं की हास्य-व्यंग्य से भरपूर मनोरंजक पत्रिका जैम की संपादिका  यूथ-करी रश्मि बंसल की किताब – स्टे हंगरी स्टे फ़ूलिश.इस किताब में आईआईएम अहमदाबाद से निकले चुनिंदा 25 छात्रों की संक्षिप्त जीवनी दी गई है कि कैसे उन्होंने पारंपरिक जॉब आफर्स और रुपया और ग्लैमर से भरी नौकरियों को ठुकराकर अपने सपनों को पूरा करने के लिए कठिनाई से भरे चुनौतीपूर्ण पगडंडियों को चुना और इस प्रकार प्रेरणास्पद - नए पायदान, नए रास्ते गढ़े.सभी पच्चीस की पच्चीस कहानी एक से बढ़कर एक प्रेरणास्पद है तथा हर कहानी मानवीय मूल्यों और मानवीय क्षमताओं की पराकाष्ठा को सिद्ध करती है. हर कहानी पठनीय है, और पाठक के मन में स्फूर्ति और आशा का संचार भरने में सक्षम है.इस पुस्तक को सेंटर फार इन्नोवेशन इनक्यूबेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप – अहमदाबाद…

साहित्य का अगला नोबल पुरस्कार आपके इस ख़ाकसार को!

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हर साल, साल दर साल जब भी विविध विषयों – क्षेत्रों में नोबेल पुरस्कारों की घोषणा होती है तो आप भी मेरी तरह बड़े ध्यान से पुरस्कार विजेताओं के बारे में और उनके द्वारा किए गए कार्यों के बारे में पढ़ते तो होंगे ही. पर, क्या आपको पता है कि आप भी अगर ढंग से कोशिश करते होते तो शायद अब तक आपको भी एक नोबेल पुरस्कार साहित्य (या, आप किसी अन्य क्षेत्र में माहिर हैं, तो उसमें,) के क्षेत्र में मिल चुका होता?मैंने साहित्य के क्षेत्र में कोई तीर नहीं मारे हैं. मेरे सड़ियल व्यंग्य और अड़ियल व्यंज़ल (जिसे ग़ज़ल नहीं माना गया, तो मैंने एक नया ही नाम दे दिया - ) की ले देकर एक-एक किताब प्रकाशित हुई है – वो भी ऑन डिमांड प्रिंट पर, और जिसकी डिमांड मेरे अलावा किसी और ने अब तक नहीं की है. थोड़े मोड़े तकनीकी आलेख मैंने लिखे हैं, जो ज्यादातर पब्लिक के सिर के ऊपर से निकल गए, और जो कचरा अनुवाद मैंने किए, उनसे, पाठकों का कहना है कि मैंने अर्थ का अनर्थ कर डाला है. तो, यदि मैं अपने इन कार्यों की बिना पर मैं नोबल पुरस्कार पाने के सपने देखने लगूं तो लोग मुझे पूरा का पूरा पागल समझने लगेंगे. परंतु नहीं. मैं अब यह सपना द…

ट्वेंटी ईयर्स ईज़ ए हैप्पी, लांग लांग टाइम, डार्लिंग...

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सवाल ये है कि बीस साल में क्या हो सकता है और क्या नहीं.एक सरकारी नौकर को बीस साल में फायर किया जा सकता है, यदि वो कामचोर निकला तो. बीस साल! इसका अर्थ ये है कि आप उन्नीस साल तक तो आराम से बिना काम धाम किए निकाल सकते हैं. कानूनन कोई आपका बाल बांका नहीं कर सकता. क्योंकि बीस साल से पहले आपको निकाला ही नहीं जा सकता – कम से कम कामचोरी की तोहमत लगाकर. अलबत्ता दूसरे चार्ज हों तो बात दीगर है. फिर आप उन्नीसवें साल के अंत से या अधिक सेफ गेम खेलना है तो, अठारहवें साल से ही सही, काम करना चालू कर दीजिए. अपनी एफ़ीशिएंसी दिखानी चालू कर दीजिए. अब तो आपको वैसे भी निकाला नहीं जा सकता, क्योंकि अब आप काम कर रहे हैं. प्रसंगवश, यहाँ, ये भी दीगर बात है कि सरकारी दफ़्तरों में कामचोरों को भले ही कोई पूछता न हो, एफ़ीशिएंसी दिखाने वालों की ज्यादा दुर्गति होती है. यहाँ तो पासिंग द बक का गेम चलता है. गेम दूसरे के पाले में डालने का खेल चलता है.ऋणात्मक सोच वालों को जरूर ये तकलीफ़ हो सकती है कि अब तक तो ऐसा कोई क़ानून ही नहीं था. बीस साल क्या, जीवन के पूरे साठ वर्ष तक यानी रिटायर होते तक कामचोरी की बिना पर सरकारी नौक…

हिन्दी वर्तनी जांच शूटआउट : क्रोम, फ़ायरफ़ॉक्स और वर्ड-हिन्दी

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हिन्दी स्पेल चेकर अब काल्पनिक चीज नहीं रह गई है. अब आप इसे बहु-प्लेटफ़ॉर्मों और बहु-उत्पादों में प्राप्त कर सकते हैं.हिन्दी राइटर, एमएस वर्ड हिन्दी तथा गूगल क्रोम में अंतर्निर्मित हिन्दी स्पेल-चेकर है. ओपन-ऑफ़िस तथा मॉजिल्ला फायरफ़ॉक्स में आप इसे एडऑन के रूप में डाल सकते हैं.इन हिन्दी वर्तनी जांचकों की तुलनात्मक समीक्षा वैसे तो अन्याय होगी, क्योंकि एमएस वर्ड हिन्दी का शब्द भंडार विकसित व थिसारस से पूर्ण है, क्रोम गूगल समर्थित है और हिन्दी राइटर, ओपन-ऑफ़िस व मोजिल्ला का प्लगइन इत्यादि व्यक्तिगत स्तर के प्रयास हैं. मगर फिर भी वर्तनी जाँच क्षमता व गलत हिज्जे को सही करने हेतु उपलब्ध सुझाव की तुलना तो कर ही सकते हैं.इसके लिए कुन्नू के ब्लॉग-पोस्ट से बढ़िया पाठ और क्या हो सकता है भला? वे हिन्दी वर्तनी की अपनी कमजोरी को खुले-आम स्वीकारते हुए अपने तकनीकी ज्ञान के बल पर इसे अप्रभावी बनाने की कोशिश करते हैं.तो, हाथ कंगन को आरसी क्या? चिपकाए गए पाठ की वर्तनी स्वचालित जाँचने में तथा ‘ईस’ शब्द की सही वर्तनी हेतु दाएँ क्लिक से प्राप्त विकल्प देने में  तीन वर्तनी जांचक – क्रमश: फ़ायरफ़ॉक्स, क्रोम व …

लीजिए पेश है महिलाओं, कुरमी, यादवों, मुसलिमों, ब्राह्मणों इत्यादि... सबके लिए उनके अपने, अलग-अलग ब्राउज़र

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ब्राउज़रों, कम्प्यूटरों में भी जातिवाद? कम्प्यूटिंग की दुनिया को भी जातिवाद अपनी गिरफ़्त में लेने को पूरी तरह तत्पर प्रतीत दीखता है. शुरूआत धमाकेदार हो चुकी है. जातिवाद से अब ब्राउज़र भी अछूते नहीं रह गए हैं. वो दिन अब दूर नहीं जब ब्राह्मणों का विंडोज अलग और कायस्थों, हरिजनों का अपना अलग फ्लेवर का विंडोज होगा. लिनक्स के कुछ धार्मिक संस्करण तो आ ही चुके हैं.फ़ायरफ़ॉक्स ब्राउज़र का एक विशिष्ट संस्करण ब्लैकबर्ड – खास अफ्रीकी-अमरीकी (शुद्ध शब्दों में कहें तो, काले नीग्रो) जनता के लिए जारी किया जा चुका है.इसी तरह, क्या आपको पता है कि स्त्रियों के लिए उनका अपना ब्राउज़र है – फ्लॉक ग्लास?और, हम अपने भारतीय नेताओं को गरियाते फिरते थे कि वो वोटों की राजनीति के लिए जाति-धर्म-क्षेत्रीय वाद के घटिया गुणाभाग चलाते हैं. परंतु अब तो प्रोग्रामर्स और डेवलपर्स भी इसी रस्ते पर चल निकले हैं! जातिवाद की जय हो! धर्म, क्षेत्रवाद की जय हो!

चिठेरों के लिए मंदी की मार से बचने के ठोस #8 तरीके :

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मंदी की मार ने होंडा को भी नहीं छोड़ा. उसके बगैर टीवी पर फ़ॉर्मूला #1 रेसिंग देखने का मजा ही क्या रहेगा. नतीजतन, फ़ॉर्मूला #1 रेसिंग की और भी वाट लगने वाली है. वहाँ और भी मंदी छाने वाली है. मामला साइक्लिक और एंडलेस सर्कुलर वाला हो गया है. मंदी की मार चिठेरों पर भी प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष पड़ रही है. इससे पहले कि होंडा की तरह मंदी की मार से चिट्ठाकारी छोड़कर भागने की नौबत चिठेरों को आए, मंदी की मार से बचने के लिए चिठेरों हेतु सॉलिड #8 तरीके:
1 – नाईजिरियाई फ़िशरों से साझा व्यापार करें. ये धंधा कभी मंदा नहीं पड़ेगा. यकीन मानिए. ऑनलाइन लॉटरी या $12222222.22 को ठिकाने लगाने में मुफ़्त में मिलने वाले नावां का लालच लोगों को होता रहा है और होता रहेगा.
2 – नए, नायाब अनुप्रयोग लाएँ. उदाहरण के लिए, स्वचालित टिप्पणी अनुप्रयोग. आपके ग्राहक चिट्ठाकार जैसे ही चिट्ठा लिखकर पोस्ट करेंगे, आपका यह वेब अनुप्रयोग दन्न से पच्चीस-तीस टिप्पणियाँ विविध नामों व आई डी से ब्लॉग पोस्ट पर डाल देगा. प्रीमियम ग्राहकों के ब्लॉग पर पचास / सौ टिप्पणियों की सुविधा – यानी जितना माल डालो उतना पाओ की तर्ज पर. देखिए, हिन्दी ब्ल…

#13 ख़ास जगहें जहाँ कोई कुत्ता भी नहीं जाता...

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बहुत कुत्ता फ़जीती हो गई. अब ये जुदा बात है कि नेताओं की हुई है या कुत्तों की. फिर भी, जब भी किसी नेता की तुलना किसी कुत्ते से होगी तो यकीनन वहाँ कुत्ते की ही फजीहत होगी. इस बीच, एक अहम् सवाल उठाया गया है कि कुत्ता कहाँ-कहाँ जाता है और कहाँ-कहाँ नहीं जाता...कुत्ता कहाँ कहाँ जाता है और कहाँ जा सकता है ये विवाद का विषय भी हो सकता है और सूची लंबी, अंतहीन भी हो सकती है. पर, कुत्ता यकीनन इन 13 जगहों पर तो नहीं ही जाता :1) पार्लियामेंट – जाता है क्या? किसी ने देखा है क्या?2) संसद भवन – ठीक है, ठीक है, ये ऊपर दिए गए क्र. 1 का ही हिन्दी रूपांतर है, मगर क्या करें, पहले से लेकर दूसरे क्रम तक एक ही नाम है.3) विधानसभा4) चुनाव लड़ने5) वोट मांगने6) पार्टी/दल बदलने7) भाषण देने8) रैली निकालने9) खोखले वादे करने10) स्विस बैंक11) घूस खोरी, भ्रष्टाचार करने12) कुर्सी पर बैठने13) कुर्सी खींचने / कुर्सी से गिराने---

साक्षात्कार बनाम रचनाकार

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क्या प्रिंट मीडिया के दिन लदने लगे हैं? क्या ऑनलाइन प्रकाशन ही अंतिम विकल्प रहेगा?पहल और पीसीमैगजीन के प्रिंट संस्करण बंद होने जा रहे हैं. पहल का ऑनलाइन संस्करण न तो था और शायद भविष्य की ऐसी कोई योजना भी नहीं है, मगर पीसीमैगजीन अपने ऑनलाइन संस्करण के जरिए उसी दमदारी और उसी मजबूती से पत्रिका रूप में प्रकाशित होती रहेगी. और आप इस ऑनलाइन पत्रिका को बेहद सस्ते दामों में (एक डिजिटल प्रति के लिए सिर्फ 62 सेंट मात्र) पढ़ सकते हैं.साक्षात्कार के संपादक हरि भटनागर से पिछले दिनों औपचारिक चर्चा के दौरान पता चला कि साक्षात्कार की कोई पंद्रह सौ प्रतियाँ निकलती हैं. विज्ञापन रहित पत्रिका साक्षात्कार एक साहित्यिक पत्रिका है, जिसमें हर विधा की रचनाएँ प्रकाशित होती हैं. पत्रिका का कलेवर बहुत ही अच्छा है, बेहतरीन कागज पर छपता है, और इसकी कीमत भी बहुत कम (एक वर्ष के 12 अंकों के लिए रु. 150 मात्र) है. चूंकि यह पत्रिका सरकारी सहायता से निकल रही है, अन्यथा इस कीमत पर ऐसी उच्च गुणवत्ता युक्त पत्रिका किसी सूरत में संभव नहीं है.आपमें से अधिकतर पाठकों को साक्षात्कार के अस्तित्व का पता ही नहीं होगा. तमाम दृष्टि…

सस्ता, चलित ब्रॉडबैण्ड कनेक्शन चाहिए? बीएसएनएल/एमटीएनएल ईवीडीओ कार्ड परखिए

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अगर आपको एक ऐसे चलित ब्रॉडबैण्ड कनेक्शन की आवश्यकता है, जो सस्ता भी हो, तो आपके लिए एक नई तकनालाजी की, एक बेहतर सेवा बीएसएनएल ईवीडीओ डाटा कार्ड हाजिर है. वैसे तो मेरे पास बीएसएनएल  256 केबीपीएस, असीमित उपयोग वाला, 750 रुपए मासिक किराए वाला ब्रॉडबैण्ड कनेक्शन था, परंतु इसकी गति कम ही मिल पाती थी. साथ ही यात्रा के दौरान प्रयोग के लिए अतिरिक्त रूप से रिलायंस के सीडीएमए मोबाइल के अंतर्निर्मित मॉडम का प्रयोग करता था. रिलायंस मोबाइल के अंतर्निर्मित मॉडम से इंटरनेट प्रयोग करने के तीन नुकसान थे – इसका चार्ज बहुत अधिक था – सामान्य घंटों में कोई तीस रुपए प्रतिघंटा. दूसरा, इंटरनेट से कनेक्ट रहने के दौरान टेलिफोन काल रिसीव नहीं हो पाता था. और, तीसरा सबसे बड़ा नुकसान था – अत्यंत धीमी गति. वैसे तो सीडीएमए 1x से आमतौर पर 144 केबीपीएस की गति प्रदाय करने की बात की जाती है, मगर मोबाइल सिग्नलों की मारामारी के चलते आमतौर पर 5-6 केबीपीएस से ज्यादा बात जाती नहीं थी, जिसके कारण काम धीमा तो होता ही था, आपको बिल अनावश्यक भी भरने होते थे.इन समस्याओं का समाधान लेकर आया है – ईवीडीओ कार्ड. बीएसएनएल का ईवीडीओ इंटर…

धन्यवाद गूगल! – हिन्दी के पहले फ़िशिंग संदेश के लिए

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इसी का तो इंतजार था. हिन्दी का पहला फ़िशिंग संदेश आखिर प्रेषित हो ही गया...तकनीक का बेजा इस्तेमाल एक बार फिर से. गूगल अनुवाद औजार से इंटरनेट में तमाम किस्म के कचरे (एक उदाहरण - http://freebetting-online.com/?p=4854) लोग-बाग़ फेंके जा रहे हैं, और अब तो हद ही हो गई.नाईजीरियाई फ़िशरों ने अब गूगल अनुवाद औजार का प्रयोग फिशिंग के नए टारगेटों पर करना शुरु कर दिया है. जी हाँ, फ़िशरों ने हिन्दी भाषी कम्प्यूटर प्रयोक्ताओं को भी अपने संभावित शिकारों में शामिल कर लिया है.कल जब जीमेल पर स्पैम संदेशों पर संभावित सही संदेशों पर सरसरी नजर डाली जा रही थी, तब टूटी फूटी हिन्दी भाषा में आए इस संदेश पर नजर पड़ी –और, अचानक मेरे मुंह से निकल पड़ा – आह! विश्व का पहला “हिन्दी में फ़िशिंग संदेश”!पूरा संदेश निम्न है और जाहिरा तौर पर इसे गूगल के स्वचालित अनुवाद औजार का प्रयोग कर हिन्दी में अनुवाद किया गया है और हिन्दी वालों को भेजा गया है.---From: <peterduke194@aol.com>
Date: 2008/11/15
Subject: आपके नि��ि दिया ग���ा है (संपर्क अपन�¾ प्रत्य���ी एजेंट का दावा ��ै) को मंज���री दी
To: undisclosed-rec…

शीर्ष के 11 सड़ियल ब्लॉग...

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अब जब हर कोई – जी हाँ, हर कोई माने हर कोई – पांचवी फेल व्यक्ति से लेकर बिग बी तक – तमाम दुनिया को अपनी बकवास पढ़वाने के लिए कीबोर्ड लेकर ब्लॉग लेखन के मैदान में कूद पड़े हैं, तो जाहिर है इनमें चंद बेहतरीन लाजवाब होंगे तो चंद निहायत सड़ियल भी.क्या आपने कभी पड़ताल की है कि हिन्दी के शीर्ष के 11 सड़ियल ब्लॉग कौन से हैं? मुझे तो (भई, मेरे अपने एंगल से, जिसमें मेरा यह चिट्ठा भी शामिल समझें ;) ) मालूम है, मगर मैं हेट-मेल और मुफ़्त मिलने वाले छीछालेदर से कन्नी काटना चाहूंगा. अगर-मगर आप मेरे विपरीत, कुछ हिम्मत वाले हैं तो जरा जाहिर कीजिए अपनी सूची?बहरहाल, अंग्रेज़ी के शीर्ष के 11 सड़ियल चिट्ठों की चर्चा तो कर ही सकते हैं. वहां से हेट-मेल और गाली-गलौज युक्त प्रतिक्रिया की भी उम्मीद नहीं है. तो, ये रही अंग्रेज़ी के शीर्ष 11 सड़ियल ब्लॉगों की सूची.---

Sil Converter : कृतिदेव, शुषा इत्यादि फ़ॉन्टों को यूनिकोड में 100% शुद्धता से परिवर्तित करने वाला कन्वर्टर

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हिन्दी समेत विश्व की तमाम भाषाओं के पुराने फ़ॉन्टों को यूनिकोड में परिवर्तित करने के ढेरों सॉफ़्टवेयर अब उपलब्ध हैं. शुक्र इस बात का है कि इनमें से ज्यादातर मुफ़्त उपलब्ध हैं. कुछ प्रोप्राइटरी सॉफ़्टवेयर काम में अच्छे तो हैं, परंतु वे बेहद महंगे हैं.तकनीकी हिन्दी समूह के फ़ाइल खंड में कई हिन्दी फ़ॉन्टों को यूनिकोड से व उसके उलट परिवर्तित करने के ब्राउज़र आधारित बहुत ही आसान  मुफ़्त के अनुप्रयोग हैं. परंतु उनमें ये खामियाँ हैं कि फ़ॉर्मेटिंग बिगड़ जाती है, तथा शुद्धता 90-95% मिल पाती है.इन समस्याओं को दूर करता है – सिल कन्वर्टर. इसके डिफ़ॉल्ट संस्थापना में सिर्फ निम्न हिन्दी फ़ॉन्टों को यूनिकोड में परिवर्तित करने की सुविधा है –कृतिदेव 010कृतिदेव 011कृतिदेव 290शुषाप्रीति देवनागरीआईलीपइस्कीकांतिपुर देवनागरीयह औजार एमएस वर्ड के साथ काम करता है. इसे यहाँ (विथएक्स्ट्राज.ईएक्सई) से डाउनलोड करें व किसी डिरेक्ट्री में इसे एक्स्ट्रैक्ट कर लें. उस डिरेक्ट्री के अंदर एक सब-डिरेक्ट्री SIL Converters होगी. उसमें जाएँ व वहां से SetupEC.msi फ़ाइल को चलाकर इसे संस्थापित करें. (अन्य विधि से संस्थापित…

चुनावी गाइड : चुनाव जीतने के चंद श्योर शॉट तरीके

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पता नहीं बराक ओबामा ने इस किताब की सहायता ली थी या नहीं, मगर अमरीकी चुनावों के दौरान माइकल मूर की किताब – माइक्स इलेक्शन गाइड 2008 की भरपूर बिक्री हुई. माइकल ने अपनी किताब में चुनाव जीतने के एक से एक बेहतरीन अंतर्राष्ट्रीय फंडे दिए हैं.मगर, भारतीय संदर्भ में माइकल मूर के चुनावी फंडे पूरे असफल साबित होंगे. उनका चुनावी गाइड घोर असफल साबित होगा. यहाँ तो रविरतलामी के फंडे चलेंगे. कुछ फंडे अभी हालिया चुनावों में तमाम पार्टियाँ अपना चुकी हैं, और बाकी बचे फंडे आने वाले लोकसभा चुनावों में अपनाए जाएंगे. मतदाता तो जागरूक हो ही रहा है, लिहाजा चुनाव जीतने के लिए नेताओं को डबल जागरूक होना होगा. तमाम चुनावी गाइड और फंडों को यहाँ प्रकाशित करना संभव नहीं है, अलबत्ता हैप्पी चुनाव के लिए कुछ श्योर शॉट, आजमाए, अनुभूत नुस्ख़े यहाँ दिए जा रहे हैं –1 – जनता जनार्दन बहुत दुःखी है. दुखी जनता को टीवी की बहुत आवश्यकता है. मुफ़्त में रंगीन टीवी देने का वादा अपने चुनावी घोषणापत्र में करें. इस एक घोषणा मात्र से तख्ता-पलट हो सकता है.2 – भारत में गरीबी बहुत है. गरीबी बनाए रखना जरूरी है. वहीं से तो वोट हासिल होते है…

सड़ने के लिए, क्या अब भी, सचमुच, कुछ बाकी बचा भी है योर ऑनर?

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शायद नहीं.
मैं, अपना स्वयं का उदाहरण देना चाहूंगा.
रतलाम में बिजली चोरी का एक प्रकरण बनाया गया था. सालों पहले – शायद सात-आठ साल पहले. उस प्रकरण में मेरी भी गवाही थी चूंकि बिजली के मीटर की टेस्टिंग मेरे ऑफ़िस से की गई थी. बाद में मैंने नौकरी से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी 2003 में. न्यायालय में तब तक केस की सुनवाई ही नहीं हुई. पिछले वर्ष 2007 में ताबड़तोड़ तिथियाँ लगने लगीं – शायद यहाँ के कोर्ट में कोई स्पेशल ड्राइव (उसके बगैर शायद कोई काम नहीं होता...) चलाया गया था. मैं कोई तीन पेशियों पर गया, मगर कभी वकील के नहीं रहने से, तो कभी किसी और वजह से गवाही ही नहीं हो सकी. पिछले दिनों मेरे भोपाल निवास पर एक हेड कांस्टेबल वारंट लेकर उपस्थित हुआ. वो ठेठ रतलाम से सिर्फ और सिर्फ इसी काम के लिए आया था. वो उसी बिजली चोरी के प्रकरण में गवाही की सूचना देने आया था. मैंने उससे पूछा कि आज के इलेक्ट्रॉनिक जमाने में आप स्वयं क्यों आ गए. इसकी प्रतिलिपि स्थानीय पुलिस को देते तो वहां से भी यह मुझ तक पहुँच जाता. मुझे फोन, फैक्स पर या ईमेल से सूचना देते तब भी बात बन सकती थी. रजिस्ट्री डाक, स्पीड पो…

द रीयल इंडियन आइडल्स को सिफी टेक्नॉलाज़ीस के कहने पर यू-ट्यूब ने हटाया!

कोई दिन आपके लिए दिल डुबाने वाला संदेश लेकर आता है.कल ये दो संदेश मेरे इनबॉक्स में मिले -Dear Member:This is to notify you that we have removed or disabled access to the following material as a result of a third-party notification by Sify Technologies Limited claiming that this material is infringing:Real Indian Idols - 1:http://www.youtube.com/watch?v=PKJ7hEboaGMPlease Note: Repeat incidents of copyright infringement will result in the deletion of your account and all videos uploaded to that account. In order to prevent this from happening, please delete any videos to which you do not own the rights, and refrain from uploading additional videos that infringe on the copyrights of others. For more information about YouTube's copyright policy, please read the Copyright Tips guide.If you elect to send us a counter notice, please go to our Help Center to access the instructions.Be aware that there may be adverse legal consequences in your country if you make a false or bad faith alleg…

यदि आप विद्यार्थी हैं तो माइक्रोसॉफ़्ट के बहुमूल्य उत्पाद मुफ़्त प्राप्त करें

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माइक्रोसॉफ़्ट ने विद्यार्थियों के लिए अपने कुछ उत्पाद विद्यार्थियों के लिए मुफ़्त जारी किए हैं – और उसमें शामिल है – जरा सांस रोकिए, - लाइसेंस शुदा विंडोज़ ऑपरेटिंग सिस्टम.जो उत्पाद विद्यार्थी मुफ़्त में प्राप्त कर सकते हैं उनमें से कुछ हैं-विजुअल स्टूडियो 2005 / 2008विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम - विंडोज सर्वर 2003 स्टैंडर्ड एडीशनएसक्यूएल सर्वर 2005माइक्रोसॉफ़्ट एक्सप्रेशन स्टूडियो इत्यादि.आपको इसके लिए एक विद्यार्थी के रुप में पंजीकृत होना होगा. ऑनलाइन पंजीकरण भारतीय विद्यार्थियों के लिए वर्तमान में लागू नहीं है. अलबत्ता ऑफ़लाइन पंजीकरण के लिए आप इस साइट http://www.dreamsparkindia.com/dreamspark/ पर जाकर अपने (निकट के) शहर के पार्टनर लोकेशन का पता हासिल कर वहाँ अपने स्कूल-कॉलेज के आइडेंटिटी कार्ड के साथ पहुंच जाएँ. आपको इन सॉफ़्टवेयरों की डीवीडी मुफ़्त में दे दी जाएगी. जिसका लाइसेंस उत्पाद कुंजी विंडोज लाइव आईडी के जरिए साइट पर लॉगिन कर प्राप्त कर सकते हैं. अधिक विवरण के लिए यहाँ देखें- http://www.dreamsparkindia.com/dreamspark/GetDreamTools.aspx?Tab=1#

प्यार के फ्रंट इफ़ेक्ट : पुरुष क्लिकियाए, स्त्री गले लगाए...

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आप अपनी खुशी कहाँ तलाशते हैं? आपको सर्वाधिक खुशी किस बात में मिलती है? मित्र के साथ गर्म चाय (या, बियर के साथ चीयर्स में?) और पकौड़ों के बीच गप्पबाज़ी में? या फिर शांत तालाब में डंगनी लगाकर मछली फांसने में?चलिए, व्यक्तिगत तौर पर हर एक के खुशियों के रास्ते में विविधताएँ भले ही हों, हाल ही में ऑस्ट्रेलिया में हुए एक हैप्पीनेस इंडेक्स सर्वे की मानें, तो आमतौर पर पुरुषों को सर्वाधिक प्रसन्नता तब होती है – जी हाँ, और इसी कारण आप इसे अपने कम्प्यूटर पर पढ़ पा रहे हैं – जब वे इंटरनेट से चिपके हुए होते हैं और यत्र-तत्र-सर्वत्र क्लिक करते फिरते हैं.जबकि स्त्रियाँ अपने परिवार के साथ समय बिता कर खुश होती हैं.अब समझ में आया कि आपकी अर्धांगिनी क्यों हर-हमेशा आपको टोकते फिरती है कि भई, बहुत हो गया. कम्प्यूटर से थोड़ा तो बाहर निकलो, घर परिवार के लिए समय दो. पर आप हैं कि कम्प्यूटर छोड़ते ही नहीं!अपनी-अपनी खुशी का मामला जो है!----व्यंज़ल=====मेरे यत्न थे उनकी खुशी के लिएन कि मेरी अपनी खुशी के लिए
सारा ब्रह्मांड तो छान लिया मैंनेमहज एक टुकड़ा खुशी के लिए
सोचता हूं कभी सचमुच जी लूंशायद दूसरों की खुशी के लि…

हम भारतीयों को संबोधित बिल गेट्स का जीवंत आख्यान देखना चाहेंगे?

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बिल गेट्स कल (5 नवंबर 2008 दोपहर दिन में 2 से 3.30 बजे) को नई दिल्ली में विशेष रूप से भारतीय आईटी प्रोफ़ेशनलों को संबोधित करेंगे. उनके आख्यान का जीवंत वीडियो प्रसारण इंटरनेट पर उपलब्ध रहेगा. इसके लिए आपको माइक्रोसॉफ़्ट ड्रीमस्पार्क की निम्न साइट पर पंजीकृत होना होगा :http://www.dreamsparkindia.com/billgateslive/registration.aspxपंजीकरण के पश्चात् निम्न साइट पर आप निर्धारित समय पर बिल गेट्स का जीवंत वीडियोकास्ट देख सकेंगे:http://www.dreamsparkindia.com/billgateslive/billg_live.aspx

विजुअल स्टूडियो 2008 कैप्शंस लैंग्वेज इंटरफ़ेस पैक हिन्दी में जारी

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माइक्रोसॉफ़्ट द्वारा जारी रिलीज नोट :माइक्रोसॉफ़्ट कैप्शंस लैंग्वेज इंटरफ़ेस पैक (CLIP) एक सरल भाषा अनुवाद समाधान है जो टूलटिप कैप्शन का उपयोग करके अंग्रेज़ी उपयोगकर्ता इंटरफ़ेस वाक्यांशों के अनुवाद प्रदर्शित करता है.
CLIP उन विजुअल स्टूडियो उपयोगकर्ताओं के लिए तैयार किया गया है जिनकी अंग्रेज़ी बहुत अच्छी नहीं है. विजुअल स्टूडियो  इंटिग्रेटेड डेवलपमेंट एन्वायरनमेंट (IDE) के सबसे सामान्य उपयोगकर्ता इंटरफ़ेस तत्वों का अनुवाद उपलब्ध करा कर CLIP उन उपयोगकर्ताओं को विजुअल स्टूडियो 2008 सीखने और उसका उपयोग करने में मदद कर सकता है. CLIP स्थानीय शैक्षणिक समुदायों और माइक्रोसॉफ़्ट बीच सहयोग का नतीजा है.
इसका उपयोग करने के लिए बस अपने माउस को स्क्रीन पर घुमाते हुए ऐसे किसी भी पाठ पर कुछ समय के लिए रोकें जिसका आप अनुवाद चाहते हैं. उपयोगकर्ता अपने स्वयं के अनुवाद भी जोड़ सकते हैं और किसी भी अनुवाद परिणाम को कॉपी और पेस्ट कर सकते हैं.---डाउनलोड यहाँ से करें :http://www.microsoft.com/downloads/details.aspx?FamilyID=4e5258d2-52f4-46b8-8b74-da2dbec7c2f7&displaylang=hiयह भाषाई इंटरफेस पैक त…

हे! भगवान! लो अब हिन्दी ब्लॉगों के जरिए भी नेटवर्क मार्केटिंग का फन्दा चल निकला

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आह, बस इसी बात की तो देर थी. हिन्दी इंटरनेट और हिन्दी ब्लॉग जगत वाकई जवान हो चला है लगता है. शुरूआत  (http://realmoney2earn.blogspot.com/2008/07/blog-post.html) तो हो ही गई है, और दर्जनों स्कीमें, दर्जनों तरीकों से आपको फांसने को चले आएंगे जल्दी ही.क्या आप भी देखते ही देखते करोड़पति बनना चाहते हैं? बिना किसी अतिरिक्त प्रयास व पूंजी के? तो फिर इस सड़ियल ब्लॉग को क्यों पढ़ रहे हैं! जल्दी जाइए, किसी इंटरनेट नेटवर्क  मनी प्लान में शामिल हो जाइए. और ज्यादा, गारंटीड 100 प्रतिशत प्रतिफल के लिए अपना खुद का कोई नया नायाब नेटवर्किंग मनी प्लॉन शुरू करिए. आपको मेरी ढेरों शुभकामनाएं.बिगबनियानट्री जिन्दाबाद – लोगों में सपने जगाने व उनके सपनों को सपने ही बने रहने देने के लिए. और साथ में लाखों लोगों को टोपी पहनाने के लिए नेटवर्क मार्केटरों को प्रणाम, आभार व धन्यवाद.

छत्तीसगढ़ी ऑपरेटिंग सिस्टम : अब एक वास्तविकता के बहुत करीब…

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यह मेरा पसंदीदा ड्रीम प्रोजेक्ट था जो बरसों से यहाँ http://cg-os.blogspot.com/ अटका टंगा हुआ था. इस मर्तबा के सराय परियोजना के तहत इसे भी स्वीकृति मिली है. इसके साथ ही अन्य भारतीय भाषाओं मसलन गुजराती, मैथिली, कश्मीरी इत्यादि भाषाओं के विभिन्न परियोजनाओं को भी स्वीकृति मिली है. विवरण यहाँ दर्ज है.http://raviratlami1.blogspot.com/2008/10/chhattisgarhi-operating-system-will-now.htmlअब तो आगू के छै महीना अऊ फुरसत नईं मिलही गा. चलो सब्बो झन काम-बूता में जुर जाओ.

नई, लेटेस्ट तकनॉलाज़ी : क्या खाक!

नई, ताज़ातरीन तकनॉलाज़ी ने आपको भी अकसर आकर्षित किया होगा. पर, तकनॉलाज़ी के अद्यतन होते रहने की यह रफ़्तार कभी रुकेगी भी? आखिर आप कब तक नई लेटेस्ट तकनॉलाज़ी से कदमताल मिलाते रहेंगे?कोई पंद्रह बरस पहले जब मैंने अपने मुहल्ले का पहला पर्सनल कम्प्यूटर अपने जीपीएफ़ के पैसे से एडवांस लेकर खरीदा था तो उस वक्त की लेटेस्ट तकनॉलाज़ी के लिहाज से 14 इंची कलर मॉनीटर युक्त, 16 मेबा रैम व 1 जीबी हार्ड डिस्क युक्त, 433 मे.हर्त्ज का कम्प्यूटर था, जो उस वक्त के लिहाज से बहुत बड़ी कीमत में आया था.मैं अपनी उस लेटेस्ट तकनॉलाज़ी युक्त कम्प्यूटर की शक्ति से खासा प्रभावित था और चूंकि वो मेरे मुहल्ले का एकमात्र व पहला कम्प्यूटर था, अतः उसकी अच्छी खासी धाक भी थी. लोग-बाग़ सिर्फ उसके दर्शन करने आते – एक दूसरे से चर्चा करते - कलर मॉनीटर वाला कम्प्यूटर है – मल्टीमीडिया वाला, जिसमें गाने भी सुन सकते हैं और फिल्म भी देख सकते हैं. एकदम नेबर्स एन्वी, ओनर्स प्राइड वाला मामला था.मगर, जल्द ही परिस्थितियाँ बदल गईं. उम्मीद से पहले. पड़ोस का कोई बंदा नया लेटेस्ट तकनॉलाज़ी वाला, 450 मे.हर्त्ज युक्त, एमएमएक्स तकनॉलाज़ी वाला,…

मंदी की मार से त्रस्त हैं? आइए, कुछ ग़म ग़लत करें...

चहुँओर मंदी की मार से त्रस्त जनता अपना ग़म ग़लत करने के लिए आर्थिक मंदी और दीवाला से संबंधित ईमेल फारवर्डकरने में लगी हुई है. वैसे तो मेरे पास भी #५००००० ईमेलों की सूची है, जिनमें से अधिकतर लोग-बागों द्वारा मुझे भेजे गए ईमेल फारवर्ड के जरिए संकलित हुए हैं, परंतु फिर भी मैं इस सूची में  निम्न कचरा भेजने के बजाए अपने ब्लॉग में डालना उचित समझता हूँ. चाहें तो एक मुस्कान मारने के लिए पढ़ लें, नहीं तो दन्न से कट लें...

* मुंबई स्टाक मार्केट के सामने खड़ी मारूति ८०० पर बंपर स्टीकर चिपका मिला - बिकाऊ. मेरी दूसरी गाड़ी ब्रांड न्यू मर्सिडीज बैज एस क्लास भी बिकाऊ है. एकदम सस्ते दामों में. आज के आज. तत्काल संपर्क करें. (गाड़ी अभी भी खड़ी है.)

* बैंक से मेरा चेक वापस आ गया. टीप लिखा था - फंड अपर्याप्त है, जिसके कारण चेक लौटाया जा रहा है. फंड अपर्याप्त? उनका या मेरा?

* ७०० बिलियन से नीचे ३० बिलियन प्राइम नंबर हैं, बाकी के सभी सब-प्राइम हैं.

* मैंने चेक इनकेश करवाने बैंक भेजा ही था कि बैंक ही बाउंस हो गया.

* कल ही मैंने अपने भाई को १० डालर उधार दिए और आज पता चला कि मैं विश्व का तीसरा सबसे बड़ा उधारी…

अंतत: अमिताभ बच्चन ने हिन्दी में ब्लॉग लिखा!

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पाठकों की लगातार मांग के चलते अंतत: अमिताभ बच्चन को हिन्दी में ब्लॉग लिखना ही पड़ा. उनकी पहली हिन्दी ब्लॉग-प्रविष्टि यहाँ पढ़ें.मजेदार बात ये है कि अमिताभ बच्चन के ब्लॉग में आरएसएस फ़ीड सब्स्क्राइब करने की कड़ी पर जाने से वहाँ पंजीकरण बन्द है की सूचना मिलती है. तो क्या उनके पाठक इतने ज्यादा हो गए हैं कि – टू हॉट टू हैंडल?बहरहाल, यदि आप अमिताभ बच्चने के ब्लॉग को ईमेल या आरएसएस रीडर के जरिए सब्सक्राइब करना चाहते हैं तो विवरण यहाँ दर्ज है.
अद्यतन : # 1 आशीष ने याद दिलाया कि अमिताभ की ये हिन्दी इंकब्लॉगिंग की पहली पोस्ट नहीं है. इस साल जुलाई में वे पहले भी हिन्दी में इंकब्लॉगिंग ब्लॉग पोस्ट कर चुके हैं.अद्यतन : # 2 मगर, अंतत: अमिताभ ने हिन्दी में लिखना चालू कर ही दिया. अब इसे तो उनकी असली प्रथम प्रविष्टि मान ही लें हिन्दी की.धन्यवाद आशीष.

प्रिये, मेरे इस कायाकल्प में एक तुम्हारा ही तो हाथ है...

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फुरसत के किसी क्षण यदि आप अपने आप पर गौर फरमाएँगे कि आज से पाँच या दस साल पहले कैसे थे, तो आप पाएंगे कि कुछ मामलों में आपमें तो आमूल चूल परिवर्तन आ गया है. पाँच साल पहले आप वज़न में कोई दस किलो कम थे, दस साल पहले आप कोई बीस किलो कम थे, और पंद्रह साल पहले तीस किलो. वज़न के इस चक्रवृद्धि में जाहिर है, और किसका हाथ होगा भला? यदि आप पुरूष हैं, तो इसमें आपकी पत्नी का हाथ है जो आपके गले तक खा लेने के बाद भी आपकी थाली में एक और फुल्का डालते हुए कहती है – एक और ले लो न जी. गरमागरम. कितने प्यार से बनाया है. गोया प्यार में वज़न तभी आएगा जब आपके भोजन में (और नतीजतन आपके शरीर में) वज़न होगा. और यदि आप स्त्री हैं, तो भी, भले ही आपके पतिदेव आपकी थाली में गरमागरम फुल्का न डालें, मगर ऐन-केन-प्रकारेण आपके शारीरिक वज़न-वृद्धि के लिए शत-प्रतिशत वही जिम्मेदार हैं. आपके पतिदेव आपको जितना खुश रखते हैं, उसी अनुपात में आपका वज़न बढ़ता रहता है. अब आप अनुमान लगा लीजिये कि जीरो साइज फ़िगर में प्यार का अनुपात भला कितना होगा. ---
व्यंज़ल
--- वक्त अब पहले जैसा नहीं रहा
मेरा दोस्त पहले जैसा नहीं रहा निकले…

हिन्दी रचनाकार बनाम रोमनीकृत रचनाकार : तकनीक का बेजा इस्तेमाल?

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रचनाकार का रोमनीकृत (फ़ॉनेटिक अंग्रेज़ी) सामग्री वाया चिट्ठाजगत फ़ीड स्वचालित तरीके से यहाँ प्रकाशित होता रहा है. रोमनीकृत रचनाकार के अपने पाठक हैं, और वे आमतौर पर गूगल सर्च से आते हैं. बहुत से हिन्दी के पाठक जो अंग्रेज़ी रोमन लिपि (जो देवनागरी लिपि से अनभिज्ञ रहते हैं, जैसे कि दक्षिण भारतीय – जो थोड़ा-बहुत हिन्दी बोल समझ लेते हैं) को ही समझ पाते हैं, या फिर जिनके कम्प्यूटरों में यूनिकोड हिन्दी दिखाई ही नहीं देती; उनके लिए रोमनीकृत हिन्दी पाठ का कोई विकल्प नहीं है.परंतु जिस तकनीक के सहारे रोमनीकृत रचनाकार प्रकाशित होता रहा था, उस तरह की तकनीक का बेजा इस्तेमाल भाई लोगों ने चालू कर दिया है. उदाहरण के तौर पर, माना कि अंग्रेज़ी की कोई लोकप्रिय तकनालाजी साइट है, और उसे गूगल के मुफ़्त अनुवादक एपीआई के जरिए हिन्दी समेत अन्य तमाम भाषाओं में अनुवाद (या ट्रांसलिट्रेट कर – यानी लिपि बदल कर) कर उसका फ़ीड जेनरेट कर स्वचालित तरीके से प्रकाशित करने लगें तो? ऐसा प्रकाशक तो बस एक बार थोड़ा सा सेटअप कर ले, बाकी का सारा मसाला अपने आप अपडेट होता रहेगा, घर भरता रहेगा.यदि ऐसा स्वयं प्रकाशक या सामग्री का मा…

स्क्रीमर रेडियो अब हिन्दी में

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स्क्रीमर रेडियो के मुरीद तो आप हो ही गए होंगे. इसका नया संस्करण जो ज्यादा बढ़िया (स्टेबल) चलता है जारी हो चुका है.अब आप इसे अपनी मनपसंद भाषा – हिन्दी में भी चला सकते हैं. इसके इंटरफेस का अनुवाद हिन्दी में पूर्ण हो चुका है, और बहुत संभव है कि इसके अगले संस्करण में आधिकारिक तौर पर हिन्दी में भी जारी हो जाए.परंतु आप अभी ही अपने स्क्रीमर रेडियो को हिन्दीमय कर सकते हैं. यह फ़ाइल (lang.english.xml) डाउनलोड कीजिए और इसे स्क्रीमर रेडियो के इंस्टालेशन फ़ोल्डर (डिफ़ॉल्ट रूप में यहाँ होगा - %Program Files/screamer radio/languages) के लैंग्वेजेस नाम के सब-फ़ोल्डर में नक़ल कर दें. वहाँ पहले से इस नाम की फ़ाइल होगी. आपसे उसे बदलने के लिए पूछा जाएगा. हाँ करें, और बस. स्क्रीमर रेडियो फिर से चालू करें – यह हिन्दी भाषा में चलता दिखेगा – कुछ इस तरह:

भयंकर चेतावनी- इस साइट पर जाना आपके कम्प्यूटर के लिए नुकसानदेह हो सकता है!

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क्रैकरों के निशाने पर बड़ी, प्रचलित साइटें हमेशा रहती हैं. ताकि वे उसके जरिए अपना ऑनलाइन फ्रॉग का धंधा जमाए रख सकें. कुछ समय से माइक्रोसॉफ़्ट भाषाइंडिया की डाउनलोड http://bhashaindia.com/ साइट पर जहाँ हम भारतीय भाषाई कम्प्यूटिंग वालों को बहुत-कुछ काम के डाउनलोड मुफ़्त मिलते हैं, वहाँ कुछ अटैक-स्क्रिप्ट्स और मालवेयर किस्म के डाउनलोडर अपना अड्डा जमाए बैठे हैं. इस समस्या की रपट माइक्रोसॉफ़्ट को 19 सितम्बर 08 को ही दे दी गई थी, परंतु गूगल सेफ ब्राउजिंग की रपट को मानें तो समस्या अभी भी  याने ताजा ताजा, 7 अक्तूबर 08 तक बरकरार है.मजेदार बात ये है कि यदि आप इस साइट पर इंटरनेट एक्सप्लोरर से भ्रमण करते हैं तो कहीं कोई चेतावनी नजर नहीं आती. इसका अर्थ ये है कि इंटरनेट एक्सप्लोरर के प्रयोक्ता (जो कि कम नहीं हैं,) हमेशा खतरे पर होंगे. जबकि ऑपेरा और फ़ायरफ़ॉक्स में आपको बाकायदा चेतावनी मिलती है. इंटरनेट एक्सप्लोरर पर डाउनलोड पृष्ठ खुल गया, जबकि फ़ायरफ़ॉक्स (ऑपेरा में भी) में (सभी ब्राउज़र डिफ़ॉल्ट सेटिंग में,) निम्न चेतावनी मिली :फ़ायरफ़ॉक्स प्रयोग करने का एक और ठोस कारण?बहरहाल, जब तक ये समस्या दूर …

लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम के सृजक लिनुस टॉरवाल्ड्स का ब्लॉग : सादा जीवन उच्चविचार?

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नेट की दुनिया पर अगर आपका वजूद है, तो यकीनन आपका कोई न कोई एक ब्लॉग होगा. लिनुस टॉरवाल्ड्स का भी होगा? अब तक तो नहीं था, मगर, लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम के सृजक, लिनुस टॉरवाल्ड्स भी अंतत: पिछले हफ़्ते से ब्लॉग लेखन में कूद पड़े. और वे नक़ली स्टीव जॉब्स की तरह नक़ली नहीं हैं, पूरे असली हैं.उनका ब्लॉग – लिनुस का ब्लॉग सादा जीवन उच्च विचार को इंगित करता है. ब्लॉगर प्लेटफ़ॉर्म पर एकदम सादे, सरल टैम्प्लेट पर बिना किसी साज सज्जा के है उनका ब्लॉग. और उन्होंने अपने इस पोस्ट में एक सतर्क पिता के रूप में अपने बच्चों को इंटरनेट के उचित उपयोग संबंधी विचार लिखे हैं.अब आप वहां आई टिप्पणियों का आनंद लें – लोग बाग़ लिनुस को सीख दे रहे हैं पट्टी पढ़ा रहे हैं कुछ इस तरह:एक ने टिप्पणी लिखी – आपने ब्लॉगर का प्रयोग क्यों किया? वर्डप्रेस क्यों नहीं? वर्डप्रेस तो मुफ़्त उपलब्ध, ओपन सोर्स ब्लॉग अनुप्रयोग है, जबकि ब्लॉगर का प्रयोग सिर्फ गूगल के सर्वरों पर ही किया जा सकता है.एक का कहना था – आप सादा सरल ब्लॉगर का प्रयोग ब्लॉग के लिए क्यों कर रहे हैं? आपको तो गिट (git) का प्रयोग करना था – वो ज्यादा गीकी होता!एक दूसर…

तो, आखिर क्या हैं असली साहस की बातें?

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महिलाओं का देर रात घर से बाहर निकलना साहस की बात नहीं है. चलिए, मान लिया. तो, आखिर वे क्या-क्या बातें हो सकती हैं जिन्हें, बकौल शीला दीक्षित, साहस की बात कही जा सकती है? चलिए एक राउंडअप लेते हैं –एक नेता के लिए : 25 करोड़ लेकर भी दल नहीं बदलना या क्रास वोटिंग नहीं करना. एक अफसर के लिए : रिश्वत लेकर भी काम नहीं करना. एक पुलिसिया के लिए : किसी को भी गोली मार कर एनकाउंटर की थ्योरी स्थापित कर देना. एक विद्यार्थी के लिए : नकल की बात कौन करे, उत्तर पुस्तिका किसी विषय विशेषज्ञ से लिखवा कर बदल देना. एक शिक्षक के लिए : आजकल के विद्यार्थी को पढ़ा सकना. एक सर्जन के लिए : एपेण्डिक्स के ऑपरेशन के नाम पर किडनी निकाल लेना. किसी सरकारी बाबू के लिए : कोई फ़ाइल हाथ के हाथ (दैन एंड देअर) सरका देना. अगर लिखते जाएं तो जाहिर है सूची समाप्त ही नहीं होगी, अंतहीन होगी. साहस के काम दुनिया में सैकड़ों हैं. भारतीयता के तारतम्य में एवरेस्ट पर चढ़ना या एंटार्कटिका पर अकेले जाना या दिल्ली में रात में अकेले घूमना साहस नहीं है. ये सबको समझ में आ जाना चाहिए. ठीक से!व्यंज़ल-----.मैंने की है कभी साहस की बातजो कहूंगा अभी…

स्क्रीमर रेडियो : गाने सुनो जी भरके!

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एफ़ एम रेडियो में बारंबार बजते वही गाने, पुराने सड़ियल चुटकुले, फोकट की बकवास और विज्ञापन सुन सुनकर दिमाग पक गया है?अपने मोबाइल एमपी3 प्लेयर के 8 जीबी संग्रह के गाने पचासों बार शफल कर सुन सुन कर दिमाग सड़ गया है और आपको अपने संग्रह के उन गानों से नफरत होने लगी है?तो आपके पके और सड़े हुए दिमाग के लिए आ गया है एक शानदार इलाज.स्क्रीमर रेडियो. 4 मेबा से कम का एक छोटा सा फ्रीवेयर प्रोग्राम. डाउनलोड करिए, और इसके प्रीसेट में से तमाम विश्व के इंटरनेट रेडियो में से छांटकर बस एक क्लिक से गाने सुनिए. चाहें तो एक और क्लिक से सुने जा रहे गीतों को सीधे एमपी3 में रेकॉर्ड भी करें हाँ, इंटरनेट कनेक्शन बढ़िया होना चाहिए.इस्तेमाल में बेहद आसान. यानी इसके लिए किसी तरह के डमी या ईडियट गाइड की आवश्यकता नहीं.और यदि किसी चैनल से बोर हो गए तो बस, इसके प्रीसेट इंटरनेट रेडियो की सूची में जाएं और झट से चैनल बदल लें. भारत के लिए ही कोई चालीसेक रेडियो पहले ही संग्रहित हैं. यदि आप अंग्रेज़ी गानों के शौकीन हैं तो, सूची एक तरह से अनंत है.तो, देर किस बात की? स्क्रीमर रेडियो अभी ही डाउनलोड करिए!

ब्राउज़र बुकमार्कलेट्स से लिखें हिन्दी - कहीं भी, कभी भी

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हिन्दी लिखने की सुविधाओं में दिनोंदिन इजाफ़ा होता जा रहा है. हाल ही में ब्राउज़र टूलबार पिटारा के जरिए हिन्दी लिखने की एक और जुगत जोड़ी गई थी. तमाम और भी नए नए औजार बेहतरीन खासियतों के साथ जुड़ते जा रहे हैं. इस बीच हिन्दी लिखने की सुविधाओं में एक और नाम जुड़ा है ऐक्य का.ऐक्य (Ekya) क्या है?आपके लिए यह एक आसान वेब एप (जाल अनुप्रयोग) सुविधा है जिसके जरिए आप ब्राउजर के इनपुट विंडो में हिन्दी (चाहें तो अन्य भारतीय भाषाएं) लिख सकते हैं. यह भी पिटारा हिन्दी औजार की तरह गूगल इंडिक लेखन औजार के एपीआई का प्रयोग करता है. मगर इसके लिए आपको किसी टूलबार को डाउनलोड कर संस्थापित करने की आवश्यकता नहीं है. इसकी कड़ी को आप अपने ब्राउज़र के बुकमार्कलेट में लगा लें और आपका काम एक क्लिक में हो गया समझिए.यदि आप फ़ायरफ़ॉक्स ब्राउजर प्रयोग करते हैं तो यह आपके लिए बहुत आसान है. इस कड़ी में जाकर वहाँ हिन्दी वाली कड़ी को अपने ब्राउज़र बुकमार्क पट्टी पर खींच ले जाकर छोड़ दें बस. फिर कहीं भी ब्राउजर के इनपुट विंडो में हिन्दी लिखें. अंग्रेजी हिन्दी में टॉगल के लिए कंट्रोल+g बटन का प्रयोग करें. इंटरनेट एक्सप्लोरर म…

स्मार्ट फ़ोनों (गूगल एण्ड्रायड?) में अनुपलब्ध सुविधाएँ

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हमारे मोबाइल फोन दिनोंदिन स्मार्ट होते जा रहे हैं. इतने स्मार्ट कि आमतौर पर उपयोक्ता को ही पता नहीं होता कि वो अपने मोबाइल से एसएमएस और वीडियो देखने के अलावा और क्या कुछ नहीं कर सकता. बाजार में गूगल एण्ड्रॉयड युक्त स्मार्ट फ़ोन टीमोबाइल जी1 जबरदस्त स्मार्ट तरीके से बाजार में हाल ही में जारी किया गया.  परंतु इसमें (बल्कि हर स्मार्ट फ़ोन में) निम्नलिखित जबरदस्त खामियाँ हैं-ये आपको गूगल मैप्स की सहायता से जीपीएस सिस्टम के जरिए आपका लोकेशन बता सकता है, आपका स्थान बता सकता है और आपको रास्ता भी बता सकता है. ठीक है, मुझे तो मेरा स्थान बखूबी पता है. पर क्या ये सामने वाले का लोकेशन बता सकता है कि बंदा वाकई बाथरूम से या फिर बम्बई से बोल रहा है? क्योंकि अकसर होता ये है कि किसी को फोन करो तो बोलेगा – भाई, बाहर हूं, रोमिंग पर हूं, अत: जितनी जल्दी माफ़ कर दें उतना अच्छा... ये आपको सामने वाले का परिचय बता सकता है – जो कि साधारण फ़ोन भी बता सकता है – कि कॉल किसका आया. परंतु ये सामने वाले का मूड नहीं बता सकता. आप अपनी पत्नी या प्रेमिका के फोन का इंतजार रोमांटिक मूड में करते हैं, बॉस को बढ़िया, खुशनुमा…

बार कैम्प 4 आ रहा है चिट्ठाकारों के लिए जानकारियों का खजाना लेकर

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कैसी जानकारियाँ? नफा नुकसान का विवरण पिछली दफा आयोजित बार कैम्प3  में मौजूद रहे अनिल रघुराज के चिट्ठे पर यहाँ पढ़ें. और यदि आपको लगता है कि वास्तव में बार कैम्प में जानकारियाँ मिलती हैं, वो भी बिलकुल मुफ़्त, तो आईआईटी पवई मुम्बई में 4 और 5 अक्तूबर को होने जा रहे मुम्बई बार कैम्प 4 में अवश्य सम्मिलित हों. पिछला आयोजन एक दिनी था. अब यह दो दिन का आयोजन है – इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि आपके ब्लॉगीय ज्ञान में कितनी वृद्धि संभावित है.---Technorati tags:    mumbai bar camp संबंधित चिट्ठा – बार कैम्प मुम्बई – क्या आप भी आ रहे हैं? http://ullu.wordpress.com/2008/09/27/barcamp-mumbai-4/

मॉजिल्ला फ़ॉयरफ़ॉक्स 3 का हिन्दी संस्करण जारी…

हिन्दी समेत अन्य भारतीय भाषाओं के फ़ॉयरफ़ॉक्स 3.02 बीटा संस्करण यहाँ से डाउनलोड करें :http://en-us.www.mozilla.com/en-US/firefox/all.html#beta_versionsडाउनलोड विंडोज, मॅक तथा लिनक्स तीनों प्लेटफ़ॉर्म के लिए उपलब्ध है.हिन्दी का डायरेक्ट डाउनलोड लिंक विंडोज के लिए:http://download.mozilla.org/?product=firefox-3.0.2&os=win&lang=hi-INतथा लिनक्स के लिए:http://download.mozilla.org/?product=firefox-3.0.2&os=linux&lang=hi-INफ़ॉयरफ़ॉक्स 3 का संस्करण जब जारी हुआ था तब इसमें हिन्दी नहीं होने पर खूब हल्ला मचा था. इसी वजह से नए संस्करण में हिन्दी को शामिल करने के लिए ताबड़तोड़ कोशिशें की गईं और प्रतिफल सामने है.

कवि हृदय ओसामा...

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आदम और हव्वा...व्यंज़ल : जमाने की दुश्वारियाँ रही होंगी
वरना हम भी तो एक कवि थे जलसे में उस दिन हादसा हुआ
सुना है वहाँ बहुत से कवि थे कोई ये कैसे स्वीकारेगा भला
संगीन लिए लोग कभी कवि थे कुपोषण से मर गया शहर मेरा 
क्योंकि शहर में सभी कवि थे तुम क्या बताओगे हक़ीक़त रवि
सबको मालूम है तुम कवि थे
-----(समाचार कतरन – साभार टाइम्स ऑफ इंडिया)tag  : osama bin laden’s poetry book, poet osama, osama’s book of poems

ऑनलाइन हिन्दी प्रोग्रामिंग औजार हिन्दवी जारी

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ठेठ भारतीय भाषा में प्रोग्रामिंग की सुविधा उपलब्ध करवाने वाले औजार हिन्दवी  का ऑनलाइन, नया संस्करण http://hindawi.in/online/  जारी किया गया है. यानी आप सीधे ही अपने ब्राउजर के जरिए भारतीय भाषाई प्रोग्रामिंग कॉसेप्ट को न सिर्फ सीख सकते हैं, वरन उसमें महारत भी हासिल कर सकते हैं. ऑनलाइन प्रोग्रामिंग औजार की खासियत ये है कि इसमें आपको अपने कम्प्यूटर में संस्थापित करने की आवश्यकता नहीं है, आप किसी भी जावा सक्षम ब्राउजर (चिंता मत कीजिए, सभी आधुनिक ब्राउजर इसमें सक्षम हैं) के जरिए अपने कम्प्यूटर, लैपटॉप पर और कुछ खास मोबाइल उपकरणों पर भी हिन्दी में प्रोग्रामिंग कर सकते हैं.हिन्दवी के ऑनलाइन कमांड टर्मिनल पर मदद टाइप करें व एंटर बटन दबाएं. आप देखेंगे कि आंतरिक कमांड की सूची दिखाई देगी. किसी भी कमांड का प्रयोग कर देखें. जैसे कि दिन कमांड से आपको टर्मिनल दिन व समय प्रदर्शित करेगा. सूची कमांड से सूची दिखेगी, इत्यादि. सारा कुछ मदद व अन्य जानकारी स्क्रीन पर भी दिखाई देती है. हिन्दवी सीखने के लिए ऑनलाइन वीडियो ट्यूटोरियल भी उपलब्ध है, और भविष्य में इसमें और भी विस्तार करने की योजना है.हिन्दवी प्रोग…

हिन्दी पखवाड़ा : हिन्दी पुस्तकालय वि. अंग्रेज़ी लाइब्रेरी

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किसी ने कहा है कि आप मुझे किताबें दे दीजिए और बियाबान जंगल में छोड़ दीजिए. मैं ताजिंदगी तब तक कभी बोर नहीं होउंगा, जब तक कि मेरे पास पढ़ने के लिए किताबें रहेंगी. इंटरनेट युग में आपका पीसी, लेपटॉप और मोबाइल उपकरण इस जरूरत को पूरी करने में कुछ हद तक सक्षम तो है, परंतु वे भौतिक पुस्तकों का स्थान कभी ले पाएंगे अभी इसमें संदेह है.भोपाल आते ही मेरे सबसे पहले के कार्यों में शामिल था पुस्तकालयों को तलाशना. मुझे यहाँ के पुराने, प्रसिद्ध सेंट्रल लाइब्रेरी के बारे में बताया गया. सेंट्रल लाइब्रेरी यहाँ के भीड़ भरे इलाके पुराना भोपाल, इतवारिया के पास है. पूछते पाछते वहाँ पहुँचा तो पाया कि सेंट्रल लाइब्रेरी का सामने का गेट रोड से दिखाई ही नहीं देता. लोहे का गेट जर्जर होकर जमीन में धंस गया है. एक पतली सी पगडंडी इमारत तक जा रही थी. अंदर पहुँचे तो जर्जर होती इमारत में पूरा पुस्तकालय उतने ही जर्जर हालत में मिला. पुस्तकालय के कार्यालयीन समय 3 बजे दोपहर (कार्यालयीन समय सुबह 11 से 5, रविवार एवं अन्य शासकीय अवकाश पर बन्द) के समय वहाँ कोई पाठक नहीं था. वहाँ मौजूद कुल जमा तीन स्टाफ में दो आपस में बातें करते …

सॉफ़्टवेयर मुक्ति दिवस और हिन्दी पखवाड़ा पर हिन्दी की ऑनलाइन पत्रिका का इंटरनेट पर आईआरसी चैनल के जरिए लोकार्पण समारोह का स्नेहिल आमंत्रण

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इससे बेहतर समय हो ही नहीं सकता था. 19 20 सितम्बर सॉफ़्टवेयर मुक्ति दिवस है और साथ ही साथ हिन्दी पखवाड़ा भी चल रहा है. संयोगवश, भारतीय भाषाई लिनक्स पर समर्पित संस्था इंडलिनक्स की आठवीं वर्षगांठ भी इसी हफ़्ते (16 सितम्बर) गुजरा है. इस अवसर पर हिन्दी की एक साहित्यिक-सांस्कृतिक पत्रिका लिटरेचरइंडिया http://literatureindia.com/hindi/ (ये द्विभाषी है यानी अंग्रेज़ी में भी है, इसीलिए नाम अंग्रेज़ी में है, इसीलिए कोई पंगा नहीं;) जो पूरी तरह मुक्त सॉफ़्टवेयर ज़ूमला पर आधारित है, उसका लोकार्पण समारोह आईआरसी चैनल फ्रीनोड (ये भी मुक्त जाल अनुप्रयोग है) पर #sarai चैनल पर होगा, जिसमें तमाम विश्व के पाठक इंटरनेट के जरिए शामिल हो सकते हैं इसका लोकार्पण वरिष्ठ साहित्यकार, लेखक, कवि, अनुवादक ओर संप्रति वाणी प्रकाशन में संपादकीय सलाहकार नीलाभ करेंगे. यदि आपने अस्सी के दशक में बीबीसी हिन्दी सुना होगा तो नीलाभ की खनकदार आवाज उनकी शानदार, दमदार रिपोर्टिंग के साथ आपके कानों में अवश्य गूंजी होगी. लिटरेचरइंडिया का इंटरनेटी लोकार्पण समारोह अपने किस्म का पहला व अनोखा आयोजन होगा जिसमें आप भी सादर आमंत्रित हैं.…

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