टेढ़ी दुनिया पर रवि रतलामी की तिर्यक, तकनीकी रेखाएँ...

November 2007

india ka sabse bada bhrast officer

उत्तर प्रदेश आईएएस अफसरों के यूनियन के नए, चुने गए अध्यक्ष वही हैं, जिन्हें पूर्व में साथी आईएएस अफसरों ने सर्वाधिक भ्रष्ट अफसर के रूप में चुना था.

चुनावों के हालिया रूपरंग से – चाहे वे लोकसभा-विधानसभा के हों या किसी कॉलेज छात्रसंघ के या फिर आईएएस अफसरों के यूनियन के – कोई भी आसानी से अंदाजा लगा सकता है कि कौन जीतेगा.

जीतेगा वही, जो सबसे बड़ा .... होगा.

 

व्यंज़ल
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मैंने तो सारे काम किए थे भ्रष्ट
जाने कैसे समझा नहीं गया भ्रष्ट

कौन सा ये गुनाह किया है मैंने
मेरी नजर में पूरी दुनिया है भ्रष्ट

इस दौर का ये नियम है नया
मरता है ईमानदार जिंदा है भ्रष्ट

किसकी इबादत करूं कैसी पूजा
मेरा ईश मेरा खुदा हो गया भ्रष्ट

थोड़ा तो ईमान बाकी है रवि में
खुलेआम बताता है खुद को भ्रष्ट
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अगर मर जाऊँ तो रोने मत आना...

क्या आपने अपनी मृत्योपरांत के लिए कोई वसीयतनामा कर लिया है? यदि हाँ, तो उसे बदलने के लिए, और यदि नहीं तो एक लिख डालने के लिए आपके सामने प्रस्तुत है एक उत्तम विचार.

उज्जैन के श्री महावीर प्रसाद लोहिया ने मृत्योपरांत का एक वसीयतनामा लिखा है, जो कई मामलों में अनुकरणीय है. उन्होंने अपने मृत देह का दान चिकित्सा महाविद्यालय को तो सौंपा ही है, कुरीतियों को भी सिरे से नकारा है.

vasiyat nama

कुछ प्रेरणा मुझे भी मिली है. और मैं अपना यह वसीयत नामा इंटरनेट पर, अपने ब्लॉग पर टांगता हूँ. इससे महफ़ूज जगह और क्या हो सकती है भला?

  1. मृत्यु पर कोई भी क्रियाकर्म, पिंडदान, ब्राह्मण-भोज, गरूड़पुराण पाठ, बारहवां, तेरहवां, पगड़ी आदि रूढ़िवादी रीतिरिवाज कतई नहीं किया जाए. मेरे मृत देह को चिकित्सा महाविद्यालय को दान में दे दिया जाए.
  2. पत्नी को विधवा नहीं माना जाए. (मैं सिर्फ शरीर छोड़ूंगा, पत्नी को नहीं. मेरी आत्मा पत्नी के इर्द-गिर्द सदैव भटकेगी,)
  3. बच्चों के सिर नहीं मुंडवाए जाएं. (इसी बहाने डैंड्रफ़ से छुटकारा पाना हो तो बात अलग है,)
  4. घर में अथवा कहीं भी बैठक नहीं की जाए. मातमपुर्सी करने किसी को भी घर नहीं आना है. (वैसे भी, लोग मातमपुर्सी करने जाते हैं तो बात अंततः लालू, क्रिकेट और बुश-ओसामा पर ही आ टिकती है,)
  5. कम से कम लोगों को सूचना दी जाए. (वैसे भी, जितनों को पता चलेगा, बोलेंगे – अच्छा हुआ साला चल बसा धरती पर भार था,)
  6. किसी तरह की शोक-सभा आयोजित न की जाए. (जिसने परसाईं लिखित शोक-सभा पर व्यंग्य पढ़ लिया हो, वो जिंदा या मुर्दा, कभी भी अपनी शोकसभा आयोजित नहीं करवाना चाहेगा,)

रतलाम दिनांक 26-11-07

हस्ताक्षर: रविशंकर श्रीवास्तव गवाह: रेखा श्रीवास्तव

(टीप- लाल रंग से लिखा पाठ टिप्पणी स्वरूप है, जो मेरे मूल वसीयत का भाग नहीं है.)

ताज़ातरीन टिप्पणी विवाद से अनायास बापू के तीन बंदर याद नहीं आ जाते? परंतु ब्लॉगिंग में, खासकर हिन्दी ब्लॉगिंग में वे फिट नहीं होंगे.

हिन्दी ब्लॉगिंग को बापू के 3 बंदरों के परिवर्तित रूप - इन 3 आदमों की खासी आवश्यकता होने लगी है...

bura jo dekhan mai gaya

बुरा मत लिखो, बुरा मत पढ़ो, बुरा मत लिंक करो

तो भइए, अब कहीं कुछ बुरा सा होने लगे हिन्दी ब्लॉगिंग में, तो कट ले. आजू से कटले, बाजू से कट ले. ऊपर से निकल ले.

अब तो, हजारों लिखवाल हैं हिन्दी ब्लॉगजगत् में!

अचानक ही धड़ाधड़ गोस्टैट हिन्दी के बारे में (स्पैम?) कमेंट मिलने लगे और साथ ही ई-मेल से सूचना भी कि गो-स्टैट साइट के जरिए आप अपने ब्लॉग के स्टेटिस्टिक्स हिन्दी में भी प्राप्त कर सकते हैं...

सचमुच हिन्दी अब इंटरनेट की स्थापित भाषा बन गई है और अब इसमें चहुँओर व्यावसायिकता की घोर संभावनाएँ दिखाई देने लगी हैं. हो सकता है, भविष्य में कुछ ऐसे नए नायाब वेब अनुप्रयोग इस्तेमाल करने को मिलें जो पहले पहल हिन्दी में ही जारी किए जाएंगे और फिर वे भले ही बाद में अंग्रेजी में पोर्ट हों.

 

हिन्दी में स्टेटकाउंटर के नाम पर मैं किलकता और खुश होता हुआ गोस्टैट हिन्दी पर पहुँचा तो मेरी खुशी वहाँ काफूर हो गई.

आप पूछेंगे क्यों?

 

hindi-go-stats

(हिन्दी का गोस्टैट)

eng-go-stats

(अंग्रेजी का गोस्टैट)

(चित्रों को बड़े आकार में देखने के लिए उस पर क्लिक करें)

 

तमाम साइट हिन्दी के गलत-सलत अनुवादों और वर्तनी की गलतियों से अटा पड़ा है.

भाई साहब, मित्र, आपका हिन्दी प्रेम जाइज है, लेकिन जरा हिन्दी ठीक-ठाक तो रखें. गोस्टैट साइट कोई व्यक्तिगत ब्लॉग साइट नहीं है, बल्कि एक व्यावसायिक संगठन है जिसका कुछ तो उत्तरदायित्व है.

 

आपसे अनुरोध है कि किसी अच्छे अनुवादक को तत्काल हायर करिए अन्यथा अपना यह हिन्दी पृष्ठ तत्काल बन्द कर दें. मुझे नहीं लगता कि गलत, त्रुटिपूर्ण हिन्दी को देखकर कोई बन्दा यहाँ रजिस्टर करेगा भी!

xo pootle

(चित्र को बड़े आकार में देखने के लिए इस पर क्लिक करें)

 

यदि आपके मन में विश्व के तमाम गरीब बच्चों को के प्रति कुछ कर गुजरने की तमन्ना है तो इससे बढ़िया काम और कुछ नहीं हो सकता.

एक लैपटॉप प्रतिबच्चा (OLPC) एक अति महात्वाकांक्षी परियोजना है जिसके तहत अत्यंत सस्ती कीमत में (वर्तमान में 6000 रुपए में,) बहुत ही उम्दा, मजबूत किस्म के लैपटॉप तमाम विश्व के गरीब बच्चों को (एक तरह से) मुफ़्त में (सरकारी व गैर-सरकारी तथा व्यक्तिगत सहयोग से) प्रदान किया जा रहा है. आप भी कई तरीके से इस परियोजना का हिस्सा हो सकते हैं. जैसे कि, आप जिस भाषा के जानकार हैं – उस भाषा में एक्सओ (ओएलपीसी का ऑपरेटिंग सिस्टम तथा प्रोग्राम) अनुप्रयोगों व मैनुअल/मदद फ़ाइलों को अनुवाद करके.

हिन्दी भाषा में एक्सओ के कुछ आरंभिक फ़ाइलों का अनुवाद आप आनलाइन यहां पर कर सकते हैं. इसके लिए वहां पर आपको एक खाता खोलना होगा. खाता खोलने के बाद लॉगइन करें, फिर जिस फ़ाइल का अनुवाद करना है, या अनुवाद परिवर्धित करना है, उसे क्लिक कर खोलें व अनुवादित/गैर अनुवादित शब्दों/वाक्यों को चुनें. आपके सामने एक बक्सा प्रकट होगा जिसमें आप हिन्दी में अनुवाद भर सकते हैं. आप चाहें तो विकल्पों में से Suggest भी चुन सकते हैं, यदि आपको लगता है कि अनुवाद पक्का नहीं है, और सुझाव मात्र है. आप बगैर पंजीकृत हुए और बगैर लॉगइन किए भी अनुवाद कर सकते हैं, परंतु वह सिर्फ सुझाव के रूप में ही दर्ज होगा. एक बात ध्यान में रखनी होगी कि इन अनुवादों को बच्चे ही ज्यादा पढेंगे इसलिए सरल, कलपनाशील, अनुवाद ही उचित होंगे.

अभी कुछ शुरुआती फ़ाइलों को अपलोड किया गया है जिसमें 2400 शब्दों/वाक्यांशों का अनुवाद करना बकाया है. आप सभी की भागीदारी अपेक्षित है.

आज जब मैं यू ट्यूब पर रचनाकार का पहला वीडियोकास्ट चढ़ा रहा था तो बाजू में मियाँ फेंकू का वीडियो लिंक प्रकट हुआ. थोड़ी सी दिलचस्पी जागी तो पाया कि ऐसे कुछ और वीडियो हैं. इन्हें यू-ट्यूब उपयोक्ता पॉकिटबड्डीस ने संकलित किया है.

 

थोड़ा सा और अनुसंधान करने पर पाया कि 1-2 मिनट से भी कम समय के इन शानदार, बेहतरीन मनोरंजक वीडियो को फ़ोनेटिक्स.इन द्वारा बनाया गया है.

 

आपके लिए पेश है यू-ट्यूब से कुछ एम्बेड कड़ी. वैसे, इन वीडियो के पूरे, हाई-फ़ाई मजे के लिए (यू-ट्यूब में गुणवत्ता थोड़ी सी कम है) फ़ोनेटिक्स.इन पर जाएँ.

 

मियाँ फेंकू का ईद-दीवाली बधाई

 

फरमाओ जान का अब के बारिश

 

इंडिया सिंग का इंडियन रेलवे

 

भक्त हरवक्त और बाई मलाई आप स्वयं जा देखें :), और हाँ, वहां पर मि. माधुरी भी हैं, बड़ी प्यारी सी.

इसी तरह के, घोर मनोरंजक कोई चालीस से भी अधिक यू-ट्यूब वीडियो की कड़ियाँ आपको यहाँ से मिल सकती है -

 

वीडियो 1-20

 

वीडियो 20-40

वीडियो 40 व आगे

इनमें कुछेक को छोड़ कर आमतौर पर बाकी सभी आपका घंटों मनोरंजन करने में अच्छे खासे समर्थ हैं, कुछेक को तो आप बारंबार देखना व मित्रों को फारवर्ड करना चाहेंगे.

 

पॉकेटबड्डीज को इस मजेदार संकलन के लिए तथा फ़ोनेटिक्स.इन को ऐसे शानदार वीडियो बनाने के लिए दिली शुक्रिया.

you are lazy dot com 3

बहुत पहले मसिजीवी ने अपनी ऑल्ट-शिफ़्टी नितांत निजी पीड़ा को सार्वजनिक किया था. यह पीड़ा मुझे भी है. शुरू से. देखिए ना, कल ही मैं जब रीयल इंडियन आइडलों के लिए यू ट्यूब पर फ़ाइलें चढ़ाने के लिए जाना चाहा तो मुझसे यू-ट्यूब की जगह ये टाइप हो गया – बदहूहवा.

दरअसल, मैं अंग्रेजी में टाइप कर रहा था youtube. परंतु मेरा कुंजीपट हिन्दी में था, और टाइप हो गया बदहूहवा. मैंने कुंजी दबाया था youtube, परंतु इनस्क्रिप्ट पर सेट होने के कारण इनपुट आया बदहूहवा.

हम सभी को, जो कि कम्प्यूटर पर एक से अधिक भाषाओं में काम करते हैं, इस समस्या से नित्य दो-चार होना पड़ता है. कुंजीपट टॉगल किए बगैर बिना देखे धड़ाधड़ कभी कभी तो आधा-पूरा पैराग्राफ छाप डालते हैं और तब पता चलता है कि ये तो किसी एलियन भाषा में टाइप हो गया, और अकसर कई बार बड़ी झुंझलाहट भी होती है.

परंतु फिर, कल एक जादू हो गया. बदहूहवा से सचमुच एक कड़ी मिली. इस बार गूगल सर्च बक्से ने ये नहीं कहा कि आपका यह अजीबोगरीब शब्द कहीं नहीं मिला.

i am lazy dot com

गूगल ने बदहूहवा => यूट्यूब की कड़ी पेश की. और बोपदद! मेरे जैसे आलसी जीवों के लिए काम बन गया जो यूआरएल के छोटे से हिस्से को भी फ़ॉयरफ़ॉक्स के गूगल सर्च बार पर भर कर साइट पर जाते हैं. (बोपदद = > yahoo)

i am lazy dot com1

इस काम को अंजाम दिया है यूआरलेज़ी.कॉम ने – जिसका नारा है – फाइंड बिफ़ोर यू सर्च. माने “गूगल के सिर को सीधे उसके सींग से पकड़ो”.

यूआरलेज़ी के जरिए अब आप आसानी से अपने अगड़म-बगड़म नामों को किसी भी यूआरएल का उपनाम दे सकते हैं. उदाहरण के लिए, अगली बार जब मुझे मसिजीवी का ब्लॉग खोलना होगा तो अब मुझे ये फ़र्क नहीं पड़ेगा कि मैं मसिजीवी किस कुंजीपट में लिख रहा हूँ. यदि मैं cmfprbr लिखूंगा (इनस्क्रिप्ट में हिन्दी में मसिजीवी लिखने के लिए यही कुंजियाँ दबानी होती हैं) तो भी मैं उस साइट पर जा सकूंगा. आशा है, मसिजीवी समेत उन तमाम अन्य चिट्ठाकारों की ऑल्ट-शिफ़्टी पीड़ा ये पढ़ कर अवश्य ही कुछ कम होंगी.

यदि आप रेमिंगटन या कुछ अन्य जैसे कि फ़ोनेटिक हिन्दी कुंजीपट प्रयोग करते हैं तो भी आप यूआरलेजी.कॉम के जरिए बारंबार इस्तेमाल में लाए जाने वाले यूआरएल के शॉर्टकट बना सकते हैं. वैसे भी, मुख्यतः यूआरलेजी.कॉम का उद्देश्य ही यही है. किसी भी यूआरएल का शॉर्टकट किसी भी भाषा (यूनिकोड-यूटीएफ8) में बना देना.

जैसे कि रचनाकार का नया पता है - http://urlazy.com/j;vekej यहाँ पर यदि अंग्रेजी कुंजीपट में रहकर हिन्दी इनस्क्रिप्ट में जब मैं रचनाकार लिखता हूँ तो वो हो जाता है – j;vekej !

इसी तरह, कुछ नए पते हैं – ब्लॉगवाणी - http://urlazy.com/ब तथा http://urlazy.com/वतदुनोलग

चिट्ठाजगत् - http://urlazy.com/चि तथा http://urlazy.com/मपगूूपोरोुोू (यदि आपका कुंजीपट अंग्रेजी है, और हिन्दी इनस्क्रिप्ट में धड़ाधड़ बेध्यानी में टाइप करेंगे तो मपगू... ही आता है...)

याहू मेल – http://urlazy.com/बोपदद

गूगल मेल - http://urlazy.com/ुददुता तथा, गूगल मेल का यह पता जरा ध्यान से देखिए, http://urlazy.com/गू :)

हो सकता है ये पते आपके लिए काम न करें. यदि कोई पता काम नहीं करता है तो सूचना अवश्य दें. साथ ही अपने आलसी पने को छोड़कर यूआरलेजी के जरिए हिन्दी में अधिकाधिक शॉर्टकट बनाएँ ताकि हमारे जैसे लेजी गाईज की जिंदगी थोड़ी आसान तो हो :)

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नाम – नामालूम

उम्र – 7-8 वर्ष

पता – भारतीय रेल का कोई डिब्बा

व्यवसाय – गायन

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नाम – नामालूम

उम्र – 25-30 वर्ष

पता – भारतीय रेल का कोई डिब्बा

व्यवसाय – गायन

इंडियन आइडल, सारेगामापा संगीत का विश्वयुद्ध और स्टार वाइज ऑफ इंडिया जैसे रीयलिटी शो में सुर-ताल से पीछे छूट गए गायक अकसर जनता के एसएमएसिया वोटों के चलते जीत जाते हैं और उनसे बीस पड़ रहे कलाकार हार जाते हैं. मोटी फीस ऐंठे हुए कठपुतली निर्णायक मगरमच्छी टेसुए बहाते हैं, वोटरों को कोसते हैं और फिर जनता से और-और वोट मांगते हैं.

ऊपर के दोनों वीडियो में ट्रेन की गति और शोर के बीच, जहाँ गले को ही माइक्रोफ़ोन और स्पीकर का रूप दिया गया है, न तो सुर टूटा है और न ताल. ताल भी एसबेस्टास की चादर के दो छोटे से टुकड़ों और फटी, पैबंद लगी हुई ढपली से जमाई जा रही है.

हैं न ये रीयल इंडियन आइडल्स? और, ऐसे एक से बढ़कर एक आइडल आपको हर कहीं, हर शहर में, चलते फिरते मिल जाएंगे.

क्या कोई चैनल इन्हें चुनकर इनके बीच गायन प्रतियोगिता का रीयलिटी शो आयोजित कर सकता है? मेरा दावा है कि इस शो को हाईप और हूपला तो मिलेगा ही, देश को चंद सर्वकालिक श्रेष्ठ गायक भी मिलेंगे.

अद्यतन : ये दोनों वीडियो यू-ट्यूब द्वारा हटा दिये गए हैं. कारण निम्न दिया गया है -

Dear Member:

This is to notify you that we have removed or disabled access to the following material as a result of a third-party notification by Sify Technologies Limited claiming that this material is infringing:

Real Indian Idols - 1: http://www.youtube.com/watch?v=PKJ7hEboaGM

Please Note: Repeat incidents of copyright infringement will result in the deletion of your account and all videos uploaded to that account. In order to prevent this from happening, please delete any videos to which you do not own the rights, and refrain from uploading additional videos that infringe on the copyrights of others. For more information about YouTube's copyright policy, please read the Copyright Tips guide.

If you elect to send us a counter notice, please go to our Help Center to access the instructions.

Be aware that there may be adverse legal consequences in your country if you make a false or bad faith allegation of copyright infringement by using this process.

Sincerely,
YouTube, Inc.

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हास्यास्पद! है ना? ये दोनों वीडियो मैंने स्वयं अपने कैमरे से इंडियन रेलवे के ट्रेन की बोगी के भीतर खींचे हैं, और अपलोड किया है. इसमें सिफ़ी टेक्नॉलाजीस लिमिटेड को क्या आपत्ति हो सकती है भला? मगर यू-ट्यूब ने बिना पुष्टि किए इस वीडियो को प्रतिबंधित कर दिया. मैंने अपना प्रतिदावा लगा दिया है, देखें क्या होता है!

gyan datt blog personality

क्या चिट्ठाकारी से व्यक्तित्व परिवर्तन संभव है?

संभवत:, हाँ.

आज जब मैं इस परिवर्तन के बारे में पढ़ने-जानने के लिए चिट्ठे पर गया तो क्या देखता हूँ कि चिट्ठाकार तो क्या, पूरा का पूरा चिट्ठा ही व्यक्तित्व परिवर्तन का शिकार हो गया है.

कहाँ ज्ञानदत्त शान से रेलगाड़ी चलाते थे अपने चिट्ठे के बाजू पट्टी में. वहाँ शीर्ष पट्टी में, सबसे ऊपर, देखा कि हवाई जहाज उड़ रहा है.

और, साथ ही साथ, यात्रा के लिए बीमा करवाने हेतु एक विज्ञापन भी आगाह कर रहा था. रेलगाड़ी के परिचालन से जुड़े ज्ञानदत्त के रेल दुर्घटनाओं के कुछ अंदरूनी किस्सों वाले चिट्ठापोस्टों को पढ़ कर बगैर बीमा करवाए भला कौन बहादुर रेल यात्रा करने का साहस करेगा! (बीमा कंपनी ने अपना उत्पाद विज्ञापित के लिए कितना सही स्थल चुना है). वैसे, एक और अदृश्य इशारा हो रहा है – अब तो रेलगाड़ी छोड़ो, अपने व्यक्तित्व में परिवर्तन लाओ, और हवाई यात्रा करो!

ज्ञानदत्त ने स्वयं माना है कि चिट्ठाकारी ने उनके व्यक्तित्व को परिवर्तित कर दिया है. उनके चिट्ठे का व्यक्तित्व तो खैर बदल ही गया है. उनके व उनके चिट्ठे के नए इनकारनेशन के लिए बधाई.

मानसिक हलचल के एक चिट्ठा-पाठक के रूप में, मेरे व्यक्तित्व में भी परिवर्तन आया है. रेलयात्रा बन्द, हवाई यात्रा चालू, वो भी आईसीआईसीआई बीमा सहित!

क्या आपको भी ये नहीं लगता कि एक पाठक-लेखक और टिपेरे के रूप में, चिट्ठाकारी ने आपके भी व्यक्तित्व में परिवर्तन ला दिया है? घोर परिवर्तन ला दिया है?

jab we met

 

जब वी मेट फ़िल्म अभी मैंने नहीं देखी है. जब वी मेट पर लिखी गई अपनी समीक्षात्मक ब्लॉग प्रविष्टि में चवन्नी चैप ने फ़िल्म में रतलाम शहर के गंदे प्रस्तुतिकरण को लेकर कुछ वाजिब से सवाल उठाए थे तो मैंने अपनी टिप्पणी में लिखा भी था – रतलाम रेलवे स्टेशन पर रोजी-रोटी की तलाश में रतलाम-झाबुआ-निमाड़ अंचलों से गरीब ग्रामीणों की पलायन करती भीड़ दिखती है, न कि रक्कासाओं की... और तो और, यहाँ पर ज्ञात-अज्ञात क़िस्म के लाल बत्ती क्षेत्र भी नहीं हैं. यह शहर आमतौर पर साफ सुथरा है, और इक्का-दुक्का अपवादों को छोड़ दें तो छेड़-छाड़ जैसी घटनाएँ भी नहीं होतीं. इसके बावजूद इस फ़िल्म में इन बातों को दिखाया गया है.

जब यह फ़िल्म हाल ही में रतलाम में रिलीज हुई तो जाहिर है, रतलामियों को यह नागवार गुजरा और फ़िल्म में रतलाम के इस गंदे प्रस्तुतिकरण पर विरोध जताया. इस विरोध प्रदर्शन की मजेदार बात यह रही कि विरोध प्रदर्शन करने वालों ने किसी टॉकीज पर जाकर नहीं, बल्कि शहर के एकमात्र महिला महाविद्यालय के सामने प्रदर्शन किया. चर्चे हैं कि इस फ़िल्म पर किसी संगठन की तरफ से कोई मुकदमा ठोंका जाएगा.

jab we met ratlam controversy (Small)

मगर मेरा मानना है कि फ़िल्म एक माध्यम है अपनी अभिव्यक्ति को, अपनी कल्पनाओं को प्रदर्शित करने का- जैसे कि हम सब अपनी सृजनात्मकताओं के जरिए करते हैं. इस फ़िल्म में भी कहीं न कहीं बारीक छापे में लिखा होगा – फ़िल्म के पात्र, घटनाएँ व स्थान काल्पनिक हैं. उम्मीद करें कि फ़िल्म में दिखाया रतलाम भी वास्तव में काल्पनिक ही हो – वास्तव में ऐसा स्थल धरती पर कहीं भी नहीं हो.

संदर्भवश, मनीषा ने भी जब वी मेट फ़िल्म देखने के बाद एक समीक्षात्मक ब्लॉग प्रविष्टि लिखी है. और, उनके अनुसार, उसमें दिखाया गया रतलाम शहर तो क्या, पूरा प्रेम परिदृश्य ही अति-काल्पनिक, अनरीअल है.

और, अभी हाल ही की, पिछले हफ़्ते जारी हुई दोनों फ़िल्में – सांवरिया और ओम शांति ओम – कौन सी जुदा हैं? वे भी घोर काल्पनिक, घोर अनरीअल हैं.

 

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hindi seamonkey2

मोजिल्ला के रूप रंग को (जैसे कि फ्लॉक में इसका रूप रंग पूरी तरह बदल दिया गया है,) निखार संवार कर बहुत से प्लेटफ़ॉर्म में इसे सीमंकी के रूप में जारी किया गया है और हाल ही में इसका हिन्दी रूप – हिन्दी सीमंकी को उत्तंक सॉफ़्टवेयर ने जारी किया है.

सीमंकी हिन्दी चूंकि मोजिल्ला का ही प्रतिरूप है और ब्राउजर इंजिन मॉजिल्ला का ही इस्तेमाल करता है, अतः आपको सीमंकी में मॉजिल्ला की पूरी खूबियाँ मिलेंगीं. इसके हिन्दी प्रतिरूप के आरंभिक जांच परख में अनुवादकों की मेहनत तो अच्छी खासी झलकती है, परंतु साथ ही अनुवाद में भाषागत त्रुटियाँ और कमियाँ भी नजर आती हैं. उम्मीद है इन ग़लतियों को इसके अगले संस्करण में ठीक कर लिया जाएगा. और अनुवाद की भाषा भी परिष्कृत कर ली जाएगी. कहीं कहीं पर अधूरा अनुवाद भी है. इसी प्रकार अभी सिर्फ इसका यूआई (उपयोक्ता इंटरफ़ेस) ही अनुवादित हुआ है. इसकी मदद फ़ाइलें अंग्रेज़ी में ही हैं. जाहिर है, कार्य बड़ा है. फिर भी, शुरूआत हो चुकी है. इससे पूर्व इनके द्वारा मॉजिल्ला 1.5 का हिन्दी संस्करण जारी किया जा चुका है. हिन्दी सीमंकी की संस्थापना अत्यंत आसान है. बस फ़ाइल डाउनलोड करें व संस्थापना चलाएँ. यह संस्थापना प्रोग्राम विंडोज के लिए है. उम्मीद है कि लिनक्स के लिए भी संस्थापना प्रोग्राम जल्द ही लाएंगे.

 hindi seamonkey

सीमंकी हिन्दी यहां से डाउनलोड करें - http://mozilla.ushtaanksoftware.com/SeamonkeyDistro_Hindi1.1.5.exe , अपने तंत्र पर किसी अलग डिरेक्ट्री/फ़ोल्डर में संस्थापित करें और चला कर बताएँ कि आपको ये कैसा लगा. अपने सुझाव यश ताम्रकार को उनके इस पते पर दे सकते हैं - yash_tamrakar AT yahoo.co.in

कुछ कमियों के बावजूद, जैसे कि आरंभ में न जाने किसलिए इसका डिफ़ॉल्ट पृष्ठ माइक्रोसॉफ़्ट के इंटरनेट इनफ़ॉर्मेशन सर्वर 7 की कड़ी को विज्ञापित करता है, यह मेरा डिफ़ॉल्ट ब्राउज़र बन गया है.

hindi seamonkey1

हिंदी हैं हम, हिन्दी है ब्राउज़र हमारा!

# अद्यतन : यश ताम्रकार ने कुछ बातें स्पष्ट की हैं :

I only developed the Tool To Translate Files
Main Translators are
       pankajtamrakar@yahoo.co.in    - Translator + install maker + logomaker + Server manager
      abhijeetdewagan@yahoo.com  -   Translator + logomaker + Sitebuilder
Please Include there email Id And Remove my Id From Blog, They will reply for Mozilla project
IIS7 Page Is Showing Because we are currently developing page for Site & that is default page

अतः कृपया अपने फ़ीडबैक पंकज ताम्रकार या अभिजीत देवांगन को भेजें.

 

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happy deepawali shubh diwali

दीपावली आया और मेरे लिए मुसीबतों का पहाड़ ले आया.

अब देखिए ना, मेरा मेल बॉक्स जेनुइन क़िस्म के (कतई स्पैम नहीं!) ईमेलों से अटा पड़ा है. और नित्य कोई तीन-चार गुना ज्यादा ईमेल चला आ रहा है इन दिनों. सबमें घुमा-फिरा कर एक ही बात कही जा रही है – दीपावली की हार्दिक बधाईयाँ! लफ़्जों के खेल, चित्रों के अखाड़ों, मल्टीमीडिया ऑडियो-वीडियो संलग्नकों के सर्कसों का - सबका सार यही होता है दीपावली की हार्दिक बधाईयाँ!

मोबाइल का इनबॉक्स भी हर घंटे फुल हो जा रहा है. एक अतिरिक्त झंझट कि इसे पढ़ते रहें और खाली करते रहें नहीं तो यह हर एसएमएस पर अतिरिक्त रूप से आगाह करता है कि बक्सा खाली करो! बक्सा खाली करो! – उलटी-सीधी किस्म की भाषाओं, बोलियों और मल्टीमीडिया युक्त इन एसएमएसों का अंततः यही संदेश होता है – दीपावली की हार्दिक बधाईयां!

अब मुझे भी हर एक को प्रत्युत्तर में धन्यवाद देना होगी, बदले में हार्दिक बधाईयाँ टिकाना ही होगी अन्यथा क्या पता अगला बुरा मान जाए. भई, मुझे तो लगता है, पर, प्रत्याशित-अप्रत्याशित बधाईयों का प्रत्युत्तर देना मुसीबत से कम अगर किसी को लगता हो तो वो व्यक्ति सचमुच वंदनीय है.

इसीलिए सोचता हूँ कि प्रत्येक बधाई संदेशों को अलग-अलग प्रत्युत्तर देने (व मेरे अपने कोटे के, आप सभी पाठकों को मेरे प्रत्यक्ष बधाई संदेशों) के बजाए अपने इस चिट्ठे के माध्यम से कुछ अ-हार्दिक क़िस्म की अ-बधाईयाँ (कु-बधाईयाँ नहीं,) आपको दे देता हूँ. वैसे भी, इस क़िस्म के अ-हार्दिक, अ-बधाईयों की दरकार आजकल हर किसी को है. –

  • दीपावली पर आपके क्षेत्र-शहर का ट्रांसफ़ॉर्मर फुंक जाए/ जनरेशन बैठ जाए और इस कारण बिजली गुल हो जाए ताकि सजावट के लिए लगाए गए हजारों-लाखों झालरों में बिजली का अपव्यय न हो (और, यदि कंटिया नहीं लगी हो तो बिल भी कम आवे,) और नतीजतन, कुछ ग्लोबल वार्मिंग कम हो.
  • दीपावली पर ईश्वर करे कि पटाखों पर महंगाई की मार कुछ यूँ हो कि आप उन्हें सिर्फ प्रतीकात्मक ही फ़ोड़ सकें – ताकि आपके कानों को राहत मिले और आपके पास-पड़ोस के पर्यावरण की संरक्षा हो.
  • आपके लिए ईश्वर से कामना है कि इंटरनेट, मोबाइल, टेलीफोन के नेटवर्क जाम हो जाएँ, बैठ जाएँ ताकि आप प्रत्यक्ष रूप में आ-जाकर एक दूसरे के गले लगकर बधाईयों का आदान प्रदान कर सकें.

तो, आपके लिए ये थीं मेरी कुछ अहार्दिक, अबधाईयाँ. मेरे लिए आपकी भी ऐसी ही कुछ होंगी. ऐसी तमाम अहार्दिक, अबधाईयों का हार्दिक स्वागत है.

(चित्र - साभार, छवि|तरकश)

आपने अख़बारों, पत्रिकाओं में, पैम्प्लेटों में वर्गाकार पहेली आधारित नेटवर्क-गैरनेटवर्क व्यापार के विज्ञापन देखे सुनें होंगे, और हो सकता है कि हममें से कोई भला-मानुष कभी इनके ट्रैप में फंसा भी होगा.

 

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(ऊपर दिए खाने में प्रत्येक में शून्य अंक इस तरह भरें कि आड़ा तिरछा खड़ा किसी भी रूप में तीनों खानों का योग शून्य ही आवे. पहला ईनाम - 29 इंची रंगीन टीवी व लाखों रुपयों के  अन्य पुरस्कार. सही उत्तर वाली सभी प्रविष्टियों को गारंटीड आकर्षक ईनाम - कैमरा/घड़ी चैन सिस्टम के अनुसार आधी कीमत में दिया जाएगा)

 

अब तैयार रहिए कुछ नए, नायाब, एसएमएस-मोबाइल बिजनेस के जालों में फंसने के लिए. वैसे, आप चाहें तो आप स्वयं इस तरह के कई बिजनेस शुरु कर सकते हैं.

हाल ही में एक अख़बार में ऐसा ही एक विज्ञापन मुझे देखने को मिला जिसमें कुछ इसी किस्म का खेल है. आपको बस एक सड़ियल किस्म के सवाल का जवाब एसएमएस से भेजना है. सही उत्तर वाली प्रविष्टियों में से एक लकी ड्रॉ निकाला जाएगा और उसके विजेता को एक मोबाइल फ़ोन ईनाम में दिया जाएगा.

jeeto inam dabake

प्रश्न सड़ियल है, तो हर कोई उसका उत्तर जानता है और चूंकि दाम सिर्फ लग रहे हैं 1-3 रुपए, और वादा किया जा रहा है कोई 3-5 हजार रुपए के शानदार मोबाइल के ईनाम का, तो लोग बाग़ इस लालच में फंस कर एकाध एसएमएस तो मार ही देंगे. अब विज्ञापन देने वाली कंपनी को चलिए कि मान लेते हैं, पूरे भारत भर से कोई 50 हजार एसएमएस प्राप्त होते हैं तो इसके एवज में उसे मोबाइल कंपनियों से तीस हजार रुपए मिल जाते हैं. विज्ञापन व अन्य खर्चा बीस हजार मान लिया तो कोई दस हजार शुद्ध बचते हैं. इसमें दो-तीन हजार का मोबाइल बतौर ईनाम यदि कंपनी बांट देती है तो भी उसके खाते में सात-आठ हजार शुद्ध बचते हैं – है न हींग लगे न फिटकरी...

और, ये तो मात्र एक अत्यंत क्षुद्र स्तर का उदाहरण दिया गया है. इसकी स्केलेबिलटी के आधार पर लाभ-हानि का अंदाजा आप लगा सकते हैं. एसएमएस आधारित सारेगामापा जैसे रीयलिटी शो भी कुछ ऐसे ही हैं! एक पूरा का पूरा प्ले चैनल एसएमएस के भरोसे चल रहा है. इसमें एक एंकर बेहूदा बकवास करता(ती) हुआ स्क्रीन पर प्रदर्शित उतने ही बेहूदा प्रश्न का उत्तर एसएमएस के जरिए भेजने के लिए दर्शकों को ललकारता है, पुचकारता है, आकर्षित करता है, प्रलोभित करता है, उकसाता है, और न जाने क्या क्या करता है.

मैंने भी अपना एक मोबाइल बिजनेस प्रारंभ कर ही दिया है. धांसू, झकास और पूरा रिटर्न देने वाला. आप मुझे मेरे मोबाइल नंबर पर एसएमएस करें. लकी ड्रा विजेता के चिट्ठाकार के किसी चिट्ठा पोस्ट को पोस्ट-नुमा प्रतिटिप्पणी प्रदान की जाएगी. प्रत्येक एसएमएस प्रविष्टियों को चैन-सिस्टम के अनुसार उनके एक पोस्ट पर 'बढ़िया है' नुमा टिप्पणी की गारंटी.

तो फिर देर किस बात की? मुझे एसएमएस अभी करें या फिर आप खुद अपना कोई बिजनेस लाएँ. मेरा मोबाइल बेताब है एसएमएस भेजने/प्राप्त करने को.

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