राम सेतु बनाम सेतुसमुद्रम : 147 वर्षों से लटकी परियोजना

इस परियोजना को प्रारंभ होने में 145 साल लगे.

तो इसके पूरे होने में कितने साल लगेंगे?

इससे पहले कि आप कुछ भविष्यवाणी करें, कुछ फ़ैक्ट फ़ाइल के लिए यहाँ देखें.

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संजय बेंगाणी

राजनीति के खेल निराले. तब द्रमुक विरोध कर रही थी, अब प्रबल समर्थक है. तब वाजपेयी जी को राम याद नहीं आये, अब राम पर हाय-तौबा मचा रखी है.

मुख्य मुद्दा यह है की सेतु मानव निर्मित है या नहीं, पर्यावरण को कितना नुकसान होगा.

परसों हिन्‍दुस्‍तान टाइम्‍स में एक लेख छपा है इंद्रजीत हाजरा का। वो लेख कुछ और ही कहानी बयॉं करता है।
यहॉं पर पढ़े उसे http://fursat-me.blogspot.com

जानकारियां बहुत अच्‍छी हैं ।
सेतु समुद्रम परियोजना पूरी हो या न हो, अटल एण्‍ड कम्‍पनी का दोहरा आचरण सतह पर तैर आया ।
अब तो यह किया जाए कि पूरी योजना वैज्ञानिकों और पर्यावरणविदों को सौंप दी जाए और राजनीतिक दुकानदारी कर रहे तमाम लोगों को बोरे में बांध कर समुद्र में फेंक दिया जाए ।

हे राम, बैरागी जी की पुकार सुन ले और सच मे राजनीतिक दुकानदारी चलाने वालों को बोरे में बांधकर रामसेतु के आसपास ही डूबा दे!!

परियोजना के पहले और बाद भी सुनामियां आती रहेंगी ,जनविरोध और समुद्री सुनामियां.

ek koshish meri taraf se (Gulzar saab):

http://gulzarsaab.rediffiland.com/iland/gulzarsaab.html

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