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रविवार, 29 जुलाई 2007

विश्व के शीर्ष चिट्ठाकार क्या और कैसे चिट्ठे लिखते हैं....

(डिजिटल इंसपायरेशन में अमित अग्रवाल ने पेज-व्यू के बारे में लिखा)

(प्रोब्लॉगर में डेरेन रॉस ने पेज-व्यू के बारे में लिखा)

क्या आपको पता है कि विश्व के शीर्ष क्रम के चिट्ठाकार क्या और कैसे लिखते हैं? मेरा मतलब है कि वे अपना विषय कैसे चुनते हैं? कैसे वे सोचते हैं कि कौन सा विषय उनके पाठकों को सर्वाधिक आकर्षित करेगा? खासकर तब, जब वे नियमित, एकाधिक पोस्ट लिखते हैं.

मैं पिछले कुछ दिनों से विश्व के कुछ शीर्ष क्रम के ब्लॉगरों (अंग्रेज़ी के) के चिट्ठों को खास इसी मकसद से ध्यानपूर्वक देखता आ रहा हूँ, और मुझे कुछ मजेदार बातें पता चली हैं जिन्हें मैं आपके साथ साझा करना चाहता हूँ.

बड़े - बड़ों की कहानियाँ हथिया लें.

इस बात की पूरी संभावना होती है कि शीर्ष क्रम के सारे के सारे चिट्ठाकार बड़ी कहानियों और बड़े समाचारों के बारे में चिट्ठा पोस्ट लिखें. बड़े समाचार को कोई भी शीर्ष क्रम का चिट्ठाकार छोड़ना नहीं चाहता. अब चाहे इससे पहले सैकड़ों लोगों ने उस विषय पर चिट्ठा लिख मारे हों, मगर फिर भी बड़े चिट्ठाकार उस विषय पर लिखते हैं कुछ अलग एंगल और अलग तरीके से पेश करते हुए – हालाकि वे कोई नई बात नहीं बताते होते. अतः यदि आप इन शीर्ष क्रम के चिट्ठाकारों को पढ़ रहे होते हैं तो इस बात की पूरी संभावना है कि आप किसी कहानी को कई कई मर्तबा दोहराते हुए पढ़ें. ये रहे कुछ उदाहरण -

आधिकारिक एडसेंस ब्लॉग ने एडसेंस की एक सर्वथा नई विशेषता गोलाई दार कोने के बारे में जब लिखा, जो कि कोई बड़ी कहानी वैसे भी नहीं थी – वह मौजूदा सेवा में मात्र एक नई अतिरिक्त, बहुत छोटी सी विशेषता को जोड़ा गया था – तो शीर्ष क्रम के चिट्ठाकारों ने इस समाचार को पकड़ लिया. डेरेन रॉस ने इस पर लिखा, अमित अग्रवाल ने इस पर लिखा और क्विक ऑनलाइन टिप्स पर भी इस बारे में चिट्ठा पोस्ट लिखा गया!

इसी तरह, एक कहानी आई थी पेज व्यू के ऊपर – कि कैसे अब पेज रैंकिंग के लिये ‘पेज लोड संख्या’ इतिहास की वस्तु बनती जा रही है और वास्तविक पेज व्यू समय (रचनाकार के लिए खुशखबरी है यह – उसके लंबे, उबाऊ उपन्यासों को सिर खपा कर पढ़ने का समय अब इसकी प्रसिद्धि में वृद्धि करेगा न कि इसकी गिनती के दो-चार पेज हिट्स) अब महत्वपूर्ण होगा. इस समाचार के बारे में– डेरेन रॉस ने लिखा, अमित अग्रवाल ने भी लिखा और, माशाबल में भी यह प्रकट हुआ.

कुछ समय पूर्व जब एडसेंस प्रकाशकों की कमाई विश्वस्तर पर गिरी थी तो अमित ने इस बारे में लिखा था और उनका साथ दिया था रॉस ने अपने चिट्ठे में, इसी बात को बताते हुए. और जब एडसेंस रेफरल 2 आधिकारिक रूप से जारी हुआ तो डेरेन रॉस ने इस पर लिखा था तो क्विक ऑनलाइन टिप्स ने भी इसी समाचार पर अपनी ब्लॉग प्रविष्टि दी थी.

इस कहानी से शिक्षा

अगर आप शीर्ष स्तर के चिट्ठाकार बनना चाहते हैं तो बड़े समाचारों को तत्काल पकड़ लें. उस पर लिख मारें. भले ही जब से समाचार ब्रेक हुआ है, दर्जनों अन्य लोगों ने पहले भी लिख रखा हो, आप अपनी शैली व भाषा में अलग एंगल से लिख मारें. और जब आप किसी दिन शीर्ष क्रम के चिट्ठाकार बन जाते हैं तो फिर यदा कदा कोई कचरा पोस्ट – जैसे कि यह भी लिख सकते हैं :)

वैसे, हिन्दी चिट्ठाकारों के लिए तो मसालों की कतई कमी नहीं है और विषय के दोहराव की संभावना भी बहुत कम है – क्योंकि सक्रिय चिट्ठों की संख्या ही बहुत कम है. मैंने भी कुछ पोस्टें ( 1 2 3 4 5 6 ) अंग्रेजी के इन शीर्ष चिट्ठाकारों के सुर में सुर मिलाने की कोशिशों में की है, और आप इस कोशिश को शीर्ष की ओर की नाकाम चूहा दौड़ मान सकते हैं :)

(मूल अंग्रेजी आलेख यहाँ पढ़ें)

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