टेढ़ी दुनिया पर रवि रतलामी की तिर्यक, तकनीकी रेखाएँ...

अमरीका ऑनलाइन इन ???????



एओएल.इन भारतीय इंटरनेट परिदृश्य में धूमधड़ाके से प्रविष्ट हुआ है और अपनी पैठ बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है.

प्रिंट मीडिया से लेकर अन्य दृश्य-श्रव्य मीडिया में भी एओएल.इन के विज्ञापन धुआंधार चले आ रहे हैं. भारतीय ब्लॉगों – खासकर हिन्दी चिट्ठों में जहाँ जहाँ एडसेंस हैं, एओएल का जमूरा जब तब मुँह से आग उड़ाता दिख जाता है.

इसी आग से प्रभावित होकर मैंने भी सोचा कि चलो, एक ई-मेल खाता एओएल पर खोल ही लिया जाए.

एओएल मेल दिखने में पूरा का पूरा याहू! मेल का जुड़वां भाई दिखता है. इंटरफ़ेस वही घिसा-पिटा सा है और धीमा भी. मगर मुझे तो इसकी हिन्दी की परीक्षा लेनी थी. फटाफट इस नए खाते पर एक हिन्दी में ई-मेल भेजा और इसके जरिए एक हिन्दी में ई-मेल किया.

नतीजा – वही ढाक के तीन प्रश्न – यानी ??????

ईमेल की मुख्य सामग्री की यूनिकोड तो खंडित नहीं हुई, मगर प्रेषक / प्राप्तकर्ता और विषय के यूनिकोड खंडित हो गए.

एओएल – भारत में नए सिरे से, नए ब्रॉड नाम से पैठ बनाने की कोशिश कर रही है तो कम से कम इधर तो उसे ध्यान देना ही था – या उसकी नजर सिर्फ अंग्रेज़ी इस्तेमाल करने वाले भारतीयों पर है?

क्या एओएल भारत में कुछ कर दिखाएगा? संभवतः नहीं. वैसे, यह तो समय ही बताएगा, चूंकि इसमें नया-सा कुछ भी नहीं है जिसके कारण उपयोक्ता इसके प्रति आकर्षित हों.

हाँ, एओएल की एक बात पसंद आई. इसका स्पैम हैंडलिंग दमदार प्रतीत होता है. जिस वैकल्पिक ईमेल खाते से मैंने इस पर पंजीकृत किया था, उसी खाते से ईमेल भेजने पर इसने उसे स्पैम में डाल दिया :)

फ़ैसला - हिन्दी के लिए सर्वोत्तम - जीमेल, आईगूगल.

एक टिप्पणी भेजें

रवि जी, मै AOL का ई मेल खाता अपने ब्लॉग्स के कमेण्ट लेने के लिये प्रयोग करता हूँ।
विषय मे चिट्ठे का नाम हिन्दी मे होता है, और वह बिल्कुल सही दिखता है,और साथ ही पूरी टिप्पणी भी।
Yahoo India, ई मेल के लिये POP3 Access मुफ़्त देता है, इसी प्रकार AOL वाले IMAP आधारित ई मेल सेवा मुफ़्त उपलब्ध करा रहे हैं।

POP is popular Yet, IMAP is better :)!

एक बात और, जब आप अपने ई मेल एकाउंट मे प्रवेश करते हैं , तब इन बाक्स मे नयी मेल होने पर बोला जाता है (Voice Message)You have got mail. चाहें तो आपको पूरा पढ़कर भी सुना सकता है :)

मज़ेदार है न।

शुक्रिया है जानकारी के लिए!!

विषय में यूनिकोड खंडित होने वाली दिक्कत हमें याहू डॉट काम वाले मेल आई डी में आती है!!

rc mishra जी,
ये बताइए, क्या ये हिन्दी भी पढ़कर सुना सकता है? यदि हाँ, तब तो यह वाकई बढ़िया है. POP एक्सेस जीमेल में भी मुफ़्त है.

ये मेल पढ़कर सुनाता है इसके बारे में बताना भाई जरा!

हिन्दी युनिकोड के बिगड़ने का कारण डैटाबेस में मौलिक सपोर्ट का अभाव है। Complex Scripts के अन्तर्गत होने के कारण देवनागरी लिपि के डैटाबेस में इण्डेक्सिंग कठिन होती है।

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